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पेंटा वैलेंट बच्चों के लिए जीवन रक्षक दवाएं हैं : डाॅ. नसीम
पेंटावैलेंट बच्चों के लिए जीवन रक्षक दवाएं है। बच्चों में इन दवाओं का प्रतिरक्षण कर बच्चों को पांच बीमारियों से बचा सकते हैं। यह कहना है वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन के जिला प्रभारी डा. मो. नसीम का। वे सीएस कार्यालय के सभाकक्ष में सिविल सर्जन डा एसबीपी सिंह की अध्यक्षता में पेंटावैंलेंट पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में प्रत्येक प्रखंड से आए हुए प्रभारी, सीडीपीओ और एलटी को जानकारी दे रहे थे। उन्होंने कहा कि बच्चों को जन्म के डेढ़ महीने, ढाई महीने और साढ़े तीन महीने में यह प्रतिरक्षण करना है। डोज पूरा होने से बच्चों को पांच जानलेवा बीमारी से मुक्ति मिलता है।
इन पांच बीमारियों से मिलेगी मुक्ति
डब्ल्युएचओके प्रभारी ने बताया कि पहले पांच वर्ष तक बच्चों को टेटनस, इन्फयूलेंजा, बूस्टर, कुकुरखांसी और हेपेटाईटिस बी के मरीजों को अलग से इंजेक्शन देना पड़ता था। जिससे एक एक बीमारी के लिन तीन तीन इंजेक्शन देना पड़ता था। अब इन पांचों बीमारी के लिए एक इंजेक्शन तैयार किया गया है। इस इंजेक्शन को बच्चों को छह सप्ताह, दस सप्ताह तथा चौदह सप्ताह में देना है। अर्थात पहले इन बीमारियों के लिए जहां पंद्रह इंजेक्शन ऑर खुराक पिलाना पड़ता था। वहां अब मात्र तीन प्रतिरक्षण ही करना होगा। उन्होंने कहा कि इन दवाओं को रखने के लिए 2-8 डिग्री सेल्सियस तापमान होना चाहिए। इससे कम और अधिक होने पर दवाएं खराब होने की संभावना बढ़ जाती है।
प्रशिक्षण में इन्होंने लिया हिस्सा
इसप्रशिक्षण में जहां आईडीएसपी में स्वास्थ्य महकमे के प्रभारियों के अलावा अन्य स्वास्थ्य कार्यकर्ता उपस्थित थे। वहीं सभाकक्ष में एएनएम कांता कुमारी, बेबी देवी, ममता कुमारी, एलटी अनुराधा कुमारी, आंगनबाड़ी की सीडीपीओ ममता साह, पर्यवेक्षिका कुंतल रानी, रेखा कुमारी, कुमारी चेतना, प्रियंबदा आदि उपस्थित थे।