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मिथिला सांस्कृतिक परिषद ने मनाई मणिपद्म की जयंती
> मैथिली कवि सम्मेलन में काव्य रस से सराबोर हुए श्रोता
भास्करन्यूज|बोकारो
मैथिलीभाषियों की प्रतिष्ठित संस्था मिथिला सांस्कृतिक परिषद द्वारा सेक्टर 4 स्थित मिथिला एकेडमी पब्लिक स्कूल के सभागार में प्रख्यात मैथिली साहित्यकार डा. ब्रज किशोर वर्मा मणिपद्म की जयंती मनायी गयी। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि मिथिला एकेडमी पब्लिक स्कूल के अध्यक्ष रामाधार झा, विशिष्ट अतिथि वन प्रमंडल पदाधिकारी, बोकारो कुमार मनीष अरविन्द सहित परिषद के महासचिव हरिमोहन झा, संयुक्त सचिव अनिमेष कुमार झा, परिषद के पूर्व सचिव तुला नंद मिश्र, मिथिला एकेडमी के उपाध्यक्ष राजेन्द्र कुमार, साहित्यकार बुद्धिनाथ झा, विजय शंकर मल्लिक ने मणिपद्म की तस्वीर पर माल्यार्पण कर किया। इस मौके पर वक्ताओं ने बहुमुखी प्रतिभा संपन्न साहित्य अकादेमी पुरस्कार प्राप्त साहित्यकार ब्रज किशोर वर्मा मणिपद्म के व्यक्तित्व कृतित्व पर प्रकाश डाला।
बहुआयामी व्यक्तित्व के थे मणिपद्म
तुलानंदमिश्र ने कहा कि मणिपद्म ने अपनी लेखनी का लोहा साहित्य के हर विधा में मनवाया। उनका व्यक्तित्व बहुआयामी था। उन्होंने मैथिली के अलावा हिन्दी में भी रचनाएं कीं। मैथिली उपन्यास नैका बंजारा के लिए मणिपद्म को साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला था। लोक साहित्य पर उनका लेखन बहुत प्रसिद्ध हुआ। दूसरे सत्र में मैथिली कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। वरिष्ठ साहित्यकार विजय शंकर मल्लिक की अध्यक्षता तुला नंद मिश्र के संचालन में आयोजित इस कवि सम्मेलन की शुरुआत वरिष्ठ गीतकार विनय कुमार मिश्र ने अपनी रचना सरस्वती वंदना सुनाकर की। इसके बाद उन्होंने मणिपद्म को समर्पित कविता युगल ज्योति एक संग आयल, मिथिला में लायल.. सुनाकर सबकी दाद पाई। कवि सुनील मोहन ठाकुर ने भगवती वंदना करूणामयी करुणा करियौ ने की भावपूर्ण प्रस्तुति के बाद गीत बात हमरा आब हुनकर बेकार लगै छनि आब हमरा संग जिनगी बेकार लगै छनि... सुनाकर सबकी वाहवाही ली। इस अवसर पर कौशल कुमार राय, श्रवण कुमार झा, अरुण पाठक, शशि नाथ मिश्र, विश्वनाथ झा, मनोज कुमार झा, मिहिर मोहन ठाकुर, चंद्रिका मंडल सहित काफी संख्या में साहित्यप्रेमी उपस्थित थे।