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सफल नहीं हो रहा एनएच 23 के लिए बाईपास बनाने का प्रयास

7 वर्ष पहले
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उपायुक्तउमाशंकर सिंह के निर्देश के बावजूद एनएच 23 के लिए बाईपास बनाने का प्रयास प्रशस्त नहीं हो रहा है। सोमवार को उपायुक्त ने एनएच की समीक्षा बैठक बुलाई थी। परन्तु सभी अफसरों के नहीं पहुंचने के कारण बैठक तिथि बढ़ा दी गई। ऐसे राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या 23 के लिए जरीडीह अंचलाधिकारी द्वारा जमीन का प्रस्ताव नहीं सौंपने पर उपायुक्त नाराज हैं। उन्होंने कहा कि सिर्फ एक अंचल के लिए एनएच 23 के बाईपास का काम रूका पड़ा है। जब तक उस अंचल की जमीन की एनओसी नहीं मिल जाती कागज आगे बढ़ नहीं सकता। वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग 23 एवं 32 से संबंधित जमीन का प्रतिवेदन भेजा गया है। सोमवार की बैठक में डीपीएलआर, एसडीओ बेरमो, बीएसएल के भू संपदा पदाधिकारी, अपर समाहर्ता, अंचलाधिकारी आदि उपस्थित थे।

क्या है सड़क के लिए जमीन की स्थिति

एनएच32 के चौड़ीकरण हेतु गैरमजरूआ जंगल झाड़ी भूमि के अपयोजन हेतु मौजा डुमरजोर के 1821 हेक्टेयर की अनापत्ति निर्गत हुई है। वहीं 2.056 हेक्टेयर जमीन की अनापत्ति डीपीएलआर द्वारा दी जानी है। जबकि 16.4221 एकड़ भूमि का प्रस्ताव स्वीकृति हेतु आयुक्त के सचिव उत्तरी छोटानागपुर हजारीबाग को भेजा गया है। शेष रकवा 2.1050 एकड़ भूमि का प्रस्ताव अंचल अधिकारी चास से मांगी गई है। एनएच 23 बोकारो गोला-रामगढ़ खंड के चौड़ीकरण हेतु गैरमजरूआ जंगल झाड़ी भूमि के अपयोजन हेतु 9.6634 हेक्टेयर गैर मजरूआ जंगल झाड़ी भूमि की अनापत्ति राजस्व विभाग झारखंड सरकार द्वारा प्राप्त हो गई है।

दिसंबर से चास वासियों को दो टंकी से पानी मिलेगा

उपायुक्त ने सोमवार को पीचईडी के अधिकारियों से चास जलापूर्ति योजना से संबंधित बैठक की। यहां अधिकारियों ने बताया के दिसंबर से चास के दो पानी टंकी से जलापूर्ति का काम प्रारंभ हो जाएगा। इस पर उपायुक्त ने बताया कि चास में पूर्ण रूपेण पेयजलापूर्ति करनी है। इसके लिए पूरी तैयारी के साथ काम करें। वहीं बैठक में फुसरो जलापूर्ति योजना की निविदा भी हुई।

एनएच की समीक्षा बैठक में मौजूद डीसी।