कौशल विकास से बदलेगी बच्चों की तकदीर
जिलाप्रशासन कौशल विकास योजना के जरिये यहां के बिरहोर बच्चों की तकदीर बदलने की कवायद में जोरशोर से लगा हुआ है। योजना के तहत लगभग 192 बच्चों का चयन किया जाएगा। इसमें 10वीं उत्तीर्ण और आईटीआई प्रशिक्षित बच्चों को शामिल किया जाएगा। कौशल विकास योजना के तहत इन्हें कोलकाता में प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान सरकार द्वारा उन्हें छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। जिला प्रशासन 100 बच्चों को दीर्घ कालीन प्रशिक्षण के तहत दो साल का प्रशिक्षण देकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास करेगा। वहीं 92 बिरोहर बच्चों को अल्पकालीन प्रशिक्षण दिया जाएगा। सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना से बिरहोर बच्चों की तकदीर बदलेगी और आगे चलकर उनका भविष्य काफी उज्ज्वल हो सकेगा।
इनकी बनी थी सूची
नाम पिता
सावन बिरहोर स्व. सुकर बिरहोर
चांदोलाल बिरहोर सोमरा बिरहोर
संतोष बिरहोर स्व. बाला बिरहोर
गणेश बिरहोर बुधन बिरहोर
तोगोलाल बिरहोर फागु बिरहोर
सहदेव बिरहोर स्व. शिवनाथ बिरहोर
सुंदरलाल बिरहोर भिखन बिरहोर
मंटू बिरहोर टुडू बिरहोर
सुरेश बिरहोर स्व. मुंशी बिरहोर
कल्याण विभाग ने बनाई थी वरीयता सूची
जहांसरकार विलुप्त होती जातियों को बचाने के लिए कई योजनाएं चला रही है वहीं जिला प्रशासन बिरहोर जनजाति के बच्चों को सिर्फ आश्वासन दे रहा है। सरकार के आदेश पर जिला कल्याण पदाधिकारी ने आदिम जनजाति के शिक्षित बेरोजगारों को चतुर्थ वर्ग के रिक्त पदों पर नियुक्ति हेतु वरीयता सूची बनाई थी। वरीयता सूची मैट्रिक परीक्षा उत्तीर्ण प्रतिशत के आधार पर बनाई गई थी। इसके बावजूद जिला प्रशासन इन बच्चों को सरकारी नौकरी नहीं दे रहा है।
वरीयता सूची प्रकाशन के बाद नहीं हुई नियुक्ति
एकतरफ इन बच्चों की तकदीर बदलने की कवायद हो रही है तो दूसरी ओर जिला प्रशासन ने बिरहोर जनजाति के नौ बच्चों को दो साल पहले चतुर्थ वर्ग के रिक्त पदों पर नियुक्ति हेतु वरीयता सूची का प्रकाशन किया था। इसके बाद भी इन्हें नियुक्ति नहीं मिली। स्थापना उप समाहर्ता ने 10 अक्टूबर 2012 को बिरहोर के शिक्षित बेरोजगारों के लिए सूची प्रकाशित की थी। इसके बाद बिरहोर बच्चों में आशा जगी कि उन्हें चतुर्थ वर्ग के रिक्त पदों के लिए नियुक्ति पत्र मिलेगा।
^बिरहोर जनजाति के बच्चों के समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कौशल विकास योजना के तहत इन्