बोकारो। माओवादियो द्वारा झारखंड बिहार बंद के दौरान नावाडीह थाना क्षेत्र के कोचागोड़ा रेलवे हाॅल्ट और जमुनिया नदी रेलवे पुल के बीच पोल संख्या सी/4, 17/19 एवं 20/19 में बीती रात को लगभग ढाई बजे के अप एवं डाउन दोनो रेलवे ट्रैक में बम ब्लास्ट कर रेल पटरी को उड़ा दिया। जिससे घंटों तक रेल परिचालन बाधित रहा।
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे कर्मचारियों पहुंचकर घटना की जानकारी रेल प्रशासन को दी। सूचना मिलते ही जिले के एसपी जितेंद्र सिंह, बेरमो इंस्पेक्टर शैलेंद्र सिंह, नावाडीह थाना प्रभारी विष्णु प्रसाद राउत, जीआरपी चंद्रपुरा के मुकेश पासवान सहित रेलवे पुलिस गोमो, चंद्रपुरा थाना के पुलिस के साथ घटना स्थल पर पहुंच कर जांच पड़ताल शुरू कर दी। बोकारो एसपी ने बताया कि माओवादी ने जिस तरह से घटना का अंजाम दिया है ये जनता के हित में नहीं है बल्कि ये घिनौनी हरकत है। पुलिस इसका जवाब देगी।
हो सकती थी जान-माल की क्षति
माओवादियों द्वारा जमुनिया नदी के रेलवे पुल को ध्वस्त करने की मंशा थी। घटना को जिस तरह से अंजाम दिया गया उससे जान माल की काफी क्षति हो सकती थी। परंतु प्लांट किए गए बम की मारक क्षमता कम होने के कारण एक मीटर तक रेल पटरी एवं एक स्लैब क्षतिग्रस्त हुआ। माओवादियों द्वारा घटना स्थल पर अपनी मांगों को लेकर बैनर भी छोड़ा गया था। जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है। इस घटना के कारण लगभग 6 घंटे अप लगभग 9 घंटे तक डाउन लाइन बाधित रही।
पहले भी दस्तक दे चुके हैं माओवादी
गोमोबर काकाना रेलखंड अंतर्गत चंद्रपुरा में पहले भी भाकपा माओवादियों द्वारा दस्तक दिया जा चुका है। 14 अप्रैल 2003 को माओवादियों के महिला पुरुष दस्ता के लगभग डेढ़ से दो सौ की संख्या में चंद्रपुरा रेलवे स्टेशन की घेराबंदी कर चंद्रपुरा रेल थाना से लगभग दो दर्जन राइफल लूट लिया गया था। इसके बाद पुन: इस रेल खंड के कोचागोड़ा रेलवे हाल्ट की जमुनिया नदी पर माओवादियों ने घटना को अंजाम देकर रेल पटरी उड़ा दिया था।
घंटो तक आवागमन रहा बाधित, पुलिस महकमा भी आया हरकत में
रेल ट्रैक की मरम्मत करते रेल कर्मी।