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बजट से बढ़ी उम्मीद...डर भी कि हो जाए मिट्टी पलीद
इसमहीने के आखिरी में संसद में आम बजट पेश होने वाला है। हर बार की तरह इस बार भी लोगों को बजट से काफी अपेक्षाएं हैं। इस बार जिस तरीके से पीएम मोदी की सरकार आते ही पेट्रोल की कीमतें कम हुई हैं, उसे देख लोगों की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। बजट से व्यापारियों को भी काफी आशाएं हैं। व्यापारियों की नजर में इंस्पेक्टर राज्य खत्म करने, इन्कम टैक्स का बोझ नहीं बढ़ने आैर टैक्स के सरलीकरण की उम्मीद है। बजट से सीधे लोगों की दिनचर्या प्रभावित होती है, इसलिए इस बार के आम बजट पर लोगों की टकटकी लगी है। बजट से व्यापारियों को इस बार कितना फायदा होने वाला है, इस बारे में संवादाता अशोक विश्वकर्मा के साथ फोटो जर्नलिस्ट हेमंत कुमार ने शहर के व्यापारियों से बातचीत की।
हर्षवर्धन प्लाजा निवासी व्यवसायी विरल ने बताया कि इस बार के आम बजट से जनता को काफी उम्मीद है। कांग्रेस की सरकार में महंगाई सबे परेशान हो गए थे।
सेक्टर 2 सी निवासी मिठाई व्यवसायी आरएन मेहता ने बताया कि सभी के फायदे का बजट बने ताकि आम जनता और व्यवसायी दोनों ही खुश रह सकें।
अली ने बताया कि आम बजट लागू होने के बाद ही पता चलेगा कि वह व्यवसायियों के लिए कितना फायदेमंद है। बेरोजगारों के लिए नौकरी नहीं है।
सिटी सेंटर के कपड़ा व्यवसायी मो खुदा नवाज ने बताया कि बजट में ट्रांसपोर्टेशन पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाए ताकि ट्रांसपोर्ट का भाड़ा कम हो सके।
सिटी सेंटर निवासी जूता व्यवसायी मो साेहैल ने कहा कि सीएसटी और वैट को जोड़कर जीएसटी लागू किया जाना था। पर आज तक लागू नहीं किया जा सका है।
सिवनडीह निवासी कपड़ा व्यवसायी मो कौशर आलम ने बताया कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें बीते कई बार कम की गई हैं पर आज तक टैक्स में कमी नहीं आई है।
चश्मा व्यवसायी भोला कुमार ने बताया कि इन्कम टैक्स को सरल बनाया जाए ताकि दुकानदारों को अतिरिक्त कर के बाेझ तले दबना पड़े।
सिटी सेंटर के कपड़ा व्यवसायी गंगाधर सिंह ने बताया कि इस बार के आम बजट में व्यवसायियों के साथ-साथ जनता को भी काफी उम्मीदें हैं।
सेक्टर 12 निवासी कपड़ा व्यवसायी जंगबहादुर ने बताया कि बजट में इस तरह का प्रावधान हो कि अमीर और गरीब के बीच कोई खाई हो।
दवा व्यवसाय सेक्टर चार एफ निवासी वाय एल नारायण ने बताया कि इन्कम टैक्स का सरलीकरण हो ताकि दुकानदारों के उपर टैक्स का बोझ पड़े।
बोकारो चैंबर ऑफ कॉमर्स के संजय वैद के सुझाव
{इंस्पेक्टर राज्य को खत्म किया जाए
{ कर प्रणाली में ऐसी व्यवस्था हो कि अधिक से अधिक लोग टैक्स जमा करें, यही तभी संभव है जब टैक्स की दर कम हो
{ छोटे, लघु और सूक्ष्म उद्योगों को बढ़ावा दिया जाए
{ महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए स्वरोजगार को बढ़ावा देना चाहिए