बोकारो/बालीडीह। बोकारो रेलवे स्टेशन पर अपने को पूर्व सांसद बताकर बोकारो से आनंद विहार के लिए टिकट ले रहे फर्जी पूर्व सांसद को आरपीएफ ने गिरफ्तार कर जीआरपी थाना को सौंप दिया है। अपने को पूर्व सांसद बताने वाले डा. आलोक कुमार मिश्रा बिहार के सासाराम स्थित कोलछी गांव का रहने वाला है। जबकि इसके पूर्व यही व्यक्ति वाराणसी में पकड़ा गया था। उस समय इसने अपना नाम
पीके मिश्रा बताते हुए दरभंगा का पूर्व सांसद बताया था। वहीं गीतांजलि एक्सप्रेस में यात्रा के दौरान वह खड़गपुर में वर्ष 2003-04 में पकड़ा गया था। इसके बावजूद वह अपने को अभी तक पूर्व सांसद बताकर रेलवे को चूना लगाने में लगा हुआ था।
क्या-क्या हुए बरामद : फर्जी पूर्व सांसद के पास बैग से पहले सफर कर चुके कई टिकट, रेलवे भर्ती बोर्ड के कागजात, मुहर आदि बरामद हुए हैं। उसने अपने को सपा से बदायूं का पूर्व सांसद बताया। उसके पास से पूर्व रेल मंत्री मुकुल राय का पत्र भी बरामद किया गया। रविवार को वह अपने सहित मंजुलता मिश्रा, सुरेंद्र कुमार और सुलेखा कुमारी के नाम से टिकट लेने पहुंचा था। उसने 13 अगस्त 2014 को दिल्ली से रांची, 20 जुलाई को रांची से दिल्ली, 30 जुलाई को रांची से दिल्ली, 16 अगस्त को दिल्ली से रांची, 14 अगस्त को हावड़ा से दिल्ली तक की यात्रा की है।
ऐसे पकड़ में आया फर्जी पूर्व सांसद: नई दिल्ली और कोलकाता से बोकारो रेलवे स्टेशन पर इस व्यक्ति से संबन्धित पत्र आया था। जिसमें रेलवे की ओर से कहा गया था कि इस तरह के व्यक्ति की पहचान कर उसे टिकट भी नहीं दें और उसको पकड़ लिया जाए। इस बात की जानकारी काउंटर में बैठे सभी रिजर्वेशन क्लर्क को थी।
वह रविवार को काउंटर नंबर-आठ में बोकारो से आनंद विहार के लिए सेकेंड एसी का टिकट चार लोगों के लिए मांगते हुए अपने को पूर्व सांसद भी बताया। इसके बाद रिजर्वेशन क्लर्क संजीव कुमार को यह बात समझते देर नहीं लगी कि यह आदमी अपने को फर्जी सांसद बताकर टिकट लेने आया है। उन्होंने अविलंब इसकी सूचना आरपीएफ को दी। आरपीएफ ने उक्त आरोपी को पकड़कर जीआरपी थाना को सौंप दिया।
(कागजातों और टिकट के साथ धरा गया फर्जी पूर्व सांसद।)