- Hindi News
- सुलह की गुंजाइश होने पर मामले को मध्यस्थता केंद्र में भेजें : सचिव
सुलह की गुंजाइश होने पर मामले को मध्यस्थता केंद्र में भेजें : सचिव
कोर्टमें चलने वाले किसी भी तरह के मामले में सुलह की गुंजाइश हो तो तुरंत मामले को मध्यस्थता केंद्र में भेज दें। यह कहना है जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव अमित शेखर का। वे प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमिताभ कुमार के निर्देश पर कोर्ट परिसर में आयोजित कानूनी जागरूकता शिविर में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि कोर्ट में चल रहे मामले में अगर एक भी पक्ष सुलह के लिए आगे आता है तो उस मामले को मध्यस्थता केंद्र में भेज दिया जाए। ताकि यहां दोनों पक्षों के बीच समझौता कराकर उनके बीच चलने वाले मामले का निपटारा किया जा सके। सचिव ने पारा वोलेंटियर्स को संबोधित करते हुए कहा कि पंचायत स्तर पर चलने वाले जमीन विवाद, विवाह कानून, पारिवारिक विवाद तथा मारपीट जैसे छोटे छोटे मामले को पारा लीगल सेंटर में ही मध्यस्थता कर निपटारा किया जाए। ताकि यहां के वैसे लोग जो कोर्ट तक नहीं पहुंच सकते हैं, उन्हें भी सस्ता और सुलभ न्याय आसानी से प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि अब कोर्ट में चलने वाले किसी भी तरह के मामले को एक बार मध्यस्थता केंद्र में भेजा जाए। अब कोर्ट में चलने वाले मामले में भी मध्यस्थता केंद्र का प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से देना होगा। अधिवक्ता सुरेश कुमार ने शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि कानून में अब गरीब तथा लाचार लोगों के लिए सुलभ तथा सस्ता न्याय का प्रावधान कर दिया गया है। जिसके तहत उन्हें बहुत से अधिकार दिए गए हैं, इसके तहत उन्हें मुफ्त में ही अधिवक्ता भी दिया जा सकेगा। शिविर का संचालन अधिवक्ता कालू गोपाल चटर्जी ने किया। शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के पैनल अधिवक्ता, पारा लीगल केंद्र के सदस्य, मुखिया तथा अन्य सदस्यों ने भाग लिया।