दुनिया में ज्ञान का दीप जला रहा इग्नू
आजादीके बाद देश में उच्च शिक्षा के आधारभूत ढांचे का निरंतर विकास हुआ है। लेकिन ज्यादातर उच्च शिक्षण संस्थान युवा वर्ग तक ही उच्च शिक्षा का लाभ पहुंचा रही हैं। कामकाजी लोग, गृहणियों, ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोग इसका लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। इन्हीं सब कठिनाइयों को देखते हुए 1985 में इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी यानि इग्नू की स्थापना हुई थी। इग्नू पूरे विश्व में शिक्षा का लाभ पहुंचा रहा है। यह कहना है इग्नू, रांची की सहायक क्षेत्रीय निदेशक डॉ.रागिनी का। वे रविवार को इग्नू के नए सत्र में नामांकन लेने वाले विद्यार्थियों के इंडक्शन प्रोग्राम को संबोधित कर रही थीं।
इंडक्शन सत्र को संबोधित करतीं अतिथि।
क्या हुआ कार्यक्रम में
कार्यक्रमके दौरान मंच संचालन एवं अतिथियों का परिचय डॉ.लता ने कराया। जबकि जया मिश्रा ने उनका पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया। स्वागत गान जया, रुमा निधि शेखर, पुष्पलता एवं गीता ने गाया। जया मिश्रा एवं रुना ने दीप प्रज्ज्वलन ने किया।
नए विद्यार्थियों को दी गई जानकारी
इग्नूके नए सत्र में इस साल में पंद्रह विद्यार्थियों ने नामांकन कराया है। मौजूदा सत्र में 25 छात्र ऐसे हैं जो बीएसएल के वरीय अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं एवं इग्नू से एमबीए कर रहे हैैं। इन सभी छात्रों को इग्नू के उद्देश्यों एवं उसमे चलाए जा रहे पाठ्यक्रमों की जानकारी दी।