वीरेंद्र के साले की भी मौत
रेलवेठेकेदार वीरेंद्र सिंह हत्याकांड में गोली लगने से घायल उनके साले रमेश सिंह ने भी गुरुवार को दम तोड़ दिया। 27 जनवरी को हरला थाना क्षेत्र के हटिया मोड़ में साले-बहनोई को गोली मारी गई थी। बहनोई वीरेंद्र सिंह की मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं रमेश सिंह (23) उर्फ राजू को पीठ में गोली लगी थी, वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उनका इलाज रांची के मेदांता अस्पताल में चल रहा था।
पोस्टमार्टम के बाद घरवालों को रमेश का शव दे दिया गया। शाम परिजनों ने उसका दाह संस्कार कर दिया। रमेश की शादी नहीं हुई थी। वह वीरेंद्र सिंह के साथ ही वह काम करता था। इस मर्डर मिस्ट्री को 21 दिनों बाद भी बोकारो पुलिस सुलझाने में नाकाम रही। पुलिस अबतक यह भी पता नहीं लगा पाई कि आखिर किसने वीरेंद्र सिंह की हत्या कराई। वीरेंद्र के घर वाले हत्यारों से पुलिस के मिले होने का आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि नामजद रिर्पोट के बाद भी पुलिस हत्यारों को नहीं पकड़ रही है। वीरेंद्र के हत्या वाले दिन भी परिजनों ने पुलिस पर यही आरोप लगाया था।
कैसेहुआ था हत्याकांड
घटना27 दिसंबर की शाम पौने सात बजे की थी। वसंती मोड़ के रहने वाले वीरेंद्र सिंह अपने साले के साथ मोटरसाइकिल से सब्जी खरीदने के लिए सेक्टर नौ स्थित हटिया मोड़ गए हुए थे। इसी दौरान मास्टर लाइट के नीचे मोटरसाइकिल के साथ खड़े वीरेंद्र सिंह के ऊपर अचानक तीन अपराधियों ने फायरिंग शुरू कर दी। चार गोली वीरेंद्र को लगी, जिससे वह उनकी मौत हो गई। जबकि साले रमेश को एक गोली पीठ में लगी थी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। अपराधी घटना को अंजाम देकर वसंती मोड़ की ओर भाग गए।
बोकारो पुलिस इस मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने में अभी तक असफल रही है। पुलिस को हत्या कराने वाले शूटरों के बारे में कोई ठोस सुराग नहीं मिल पा रहा है। पुलिस कुछ लोगों से पूछताछ भी की लेकिन सफलता नहीं मिली। पुलिस का शक शहनवाज, अमरेंद्र तिवारी और आरजू मल्लिक की ओर घूम रहा है। पुलिस की जांच इन्हीं तीनों संदिग्धों के आसपास घूम रही है।
>इस मर्डर मिस्ट्री में शहनवाज, अमरेंद्र और आरजू के इर्द-गिर्द घूम रही जांच