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वार्ता के बाद संघ का आंदोलन स्थगित

6 वर्ष पहले
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उपायुक्तके साथ सकारात्मक वार्ता के बाद झारखंड राज्य सरकारी मोटरयान चालक संघ ने अपने चरणबद्ध आंदोलन स्थगित कर दिया। उपायुक्त ने चालक संघ के शिष्टमंडल को एक सप्ताह के अंदर उनकी मांगों को निष्तारित करने का आश्वासन दिया। न्यूनतम मजदूरी निर्धारित करने समेत अपनी कुल जमा 22 सूत्री मांगों को लेकर झारखंड राज्य सरकारी मोटरयान चालक संघ बोकारो ने उपायुक्त कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय धरना दिया। धरना के क्रम में संघ के शिष्टमंडल को वार्ता के लिए उपायुक्त ने बुलाया। शिष्टमंडल में भरत प्रसाद सिंह, रामप्रवेश सिंह, धर्मेन्द्र सिंह आदि थे। उपायुक्त ने शिष्टमंडल को आश्वस्त किया कि एक सप्ताह के अंदर मामले का निष्तारण कर दिया जाएगा। उपायुक्त के इस सकारात्मक वार्ता के बाद सर्वसम्मति से चरणबद्ध आंदोलन की आगे के कार्यक्रम को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने की घोषणा की। धरना की अध्यक्षता महासंघ के अध्यक्ष विजय कुमार महतो ने की। चालकों की मांगों की प्राप्ति हेतु जारी चरणबद्ध आंदोलन के प्रेणता झारखंड अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ बोकारो के जिला मंत्री तथा राज्य सचिव मनोरंजन कुमार निराला ने अपने संबोधन में कहा कि जियो और जीने दो दैनिक अनुबंध पर कार्यरत सरकारी चालकों को बोकारो जिला प्रशासन की उपेक्षा की वजह से धरना पर बैठने को विवश होना पड़ रहा है। यह न्यायोचित नहीं है। झारखंड राज्य में बोकारो जिला एेसा है जहां जिला प्रशासन के मातहत चालक 10,500 रुपए श्रम विभाग से अधिसूचना पारिश्रमिक की प्राप्ति हेतु आंदोलित है। इस परिस्थिति में अन्य कामगारों की कौन पूछेगा। निराला ने कहा कि चालक अपने हक की लड़ाई जारी रखेंगे, चालकों को 2013 से निर्गत अधिसूचना की तिथि से संसोधित मानदेय दैनिक पारिश्रमिक राशि का भुगतान करना होगा। धरना में संघ के सचिव राम प्रवेश सिंह ने अपनी 22 सूत्री मांगों को सभी सदस्यों के समक्ष पेश किया जिसे सभी ने अनुमोदित किया। धरना में मुख्य रूप से अरुण कुमार मंडल, बीडी मिश्र, भरत प्रसाद सिंह, रामप्रवेश सिंह, धर्मेन्द्र सिंह, आफताब आलम, दीपक कुमार, मुकेश कुमार, संतोष दास आदि शामिल थे।