प्रतिभा पहचानें निखारें : डॉ. अग्रवाल
शिक्षकविद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचानें और उसे निखारें। प्रतिभा की पहचान कर उसे अवसर देना चाहिए। यह कहना है ललित कला अकादमी के पूर्व वाइस प्रेसिडेंट एवं स्वयंसेवी संस्था अवंतिका के निदेशक डॉ. आनंद अग्रवाल का। वे मंगलवार को डीपीएस के कालिदास कला भवन में अवंतिका के सौजन्य आयोजित इंटर स्कूल डांस कंपटीशन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षक और अभिभावक विद्यार्थियों की काउंसलिंग करते रहें। इससे विद्यार्थी कभी अपने मार्ग से भटकते नहीं।
नृत्यऊर्जा की अभिव्यक्ति का माध्यम|इससे पहलेडॉ.अग्रवाल, अवंतिका के अध्यक्ष किशोर सिंह चौहान एवं डीपीएस बोकारो की निदेशक प्राचार्या हेमलता एस मोहन ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस मौके पर डॉ.हेमलता एस मोहन ने कहा कि नृत्य ऊर्जा की अभिव्यक्ति का एक माध्यम है, एक जुनून एवं बल है।
15 छात्र हुए सम्मानित
हार्दिक,अपूर्वा, ईशा, अनुष्का, ऐश्वर्या, वैशाली, खुशी, ओम, अनुजा, भवेश, मुकुल, अर्चित, अंकित, ईशान एवं शिवांशु सम्मनित हुए।
शिक्षक हुए सम्मानित
शिक्षकोंको भी सम्मानित किया गया। इनमें आशा गोयल, उमा कुमारी, सुनील कुमार, डॉ. पीएन पाण्डेय, मीन बहादुर सिंह, नीलम कुमारी, रंजू शामिल थीं।
प्राचार्य सम्मानित
11विद्यालयों के प्राचार्यों को अवंतिका पुरस्कार दिया गया। इनमें डीपीएस बोकारो की प्राचार्या डॉ. हेमलता, श्री अय्यप्पा स्कूल के निदेशक डॉ.एसएस महापात्रा, डीएवी तेनुघाट की प्राचार्या अर्चना, क्रिसेंट के प्राचार्य अनिल, होली क्रॉस की प्राचार्या सिस्टर जेराल्ड, श्री अय्यप्पा की प्राचार्या लता मोहनन, एवीएम चास के चिन्मय आदि हैं।
नृत्य प्रतियोगिता के परिणाम
डांसमें डीपीएस बोकारो के छात्र सोहम जीजीपीएस, सेक्टर-5 की दीपाली को संयुक्त रूप से प्रथम स्थान मिला। होली क्रॉस की अव्या, पेंटिकॉस्टल स्कूल की श्रवणा, पिट्स मॉडर्न स्कूल की शर्मिष्ठा प्रमाणिक, डीएवी पब्लिक स्कूल सेक्टर-4 की नम्रता भारती वेट्ज पब्लिक स्कूल की खुशी कुमारी को संयुक्त रूप से दूसरा स्थान मिला।
लोकनृत्यों की आकर्षक प्रस्तुति
प्रतियोगितामें बोकारो जिले के 17 विद्यालयों के बच्चों ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने विभिन्न राज्यों के लोकनृत्यों पर आधारित रंगारंग प्रस्तुतियों से सबका दिल जीत लिया। प्रतिभागियों ने राजस्थानी, लावणी, संबलपुरी लोक नृत्य, लावणी, मिथिला के लोक नृत्य, झारखंड के लोकनृत्य, छऊ नृत्य एवं कत्थक की आकर्षक प्रस्तुति से खूब तालियां बटोरी।
नृत्य प्रतियोगिता में पुरस्कृत बच्चे।