अधर्म बढ़ता है तो भगवान प्रकट होते हैं : आन्जनेय
व्यक्ति अंदर से सुंदर और मजबूत बने : आचार्य
जब-जबअधर्म बढ़ता है और धर्म पर प्रहार होता है, तब-तब भगवान प्रकट होते हैं। संपूर्ण आनंद देने वाले भगवान श्रीकृष्ण हैं। यह बातें पंडित संकट मोचन ने वैशाली मैदान में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के दौरान कही। उन्होंने कहा कि जब शिष्य गुरु से प्रश्न पूछता है तो उस वक्त ज्ञान की धारा प्रवाहित होती है। देवकी के संग वासुदेव के विवाह के बाद जब देवकी के भाई कंस सारथी बनकर अपनी बहन को उसके ससुराल छोड़ने जा रहा था, तो उस समय भविष्यवाणी हुई। कहा गया कि जिस बहन को तुम ले जा रहे हो, उसका आठवां पुत्र तुम्हारी मृत्यु का कारण बनेगा। यह सुन कंस चिंता में डूब गया। तब वासुदेव ने कहा कि जब इसका आठवां पुत्र होगा तब तुम उसे मार देना, लेकिन कंस को संतोष नहीं हुआ और उसने देवकी और वासुदेव को कारागृह में डाल दिया।
हवन कार्यक्रम 14 फरवरी तक चलेगा
तीसरेदिन सुबह में आरणी मंथन, हवन, दुग्धवास एवं पूजन का आयोजन किया गया। मंदिर कार्यसमिति के प्रवक्ता राज जायसवाल ने बताया कि हवन कार्यक्रम 14 फरवरी तक चलेगा। संध्या में नरसिंह प्रहलाद की झांकी प्रस्तुत की गई। कार्यक्रम आयोजन में पिंकू सिंह, रोशन सिं, राम प्रताप, शशी पाठक, सहित अन्य सहयोग कर रहे हैं।
भगवान का जन्म हुआ तो पुष्प की वर्षा होने लगी
भगवानश्रीकृष्ण का जन्म जब कारागृह में हुआ तो चारों ओर चिड़िया चहचहाने लगीं और फूलों की वर्षा होने लगी। कारागृह का दरवाजा अपने आप खुल जाता है। उसके बाद वासुदेव टोकरी में भगवान श्रीकृष्ण को लेकर रात में ही गोकुल नंद के घर छोड़ आते हैं। भगवान का जन्म कंस के अत्याचार से लोगों को मुक्त कराने के लिए हुआ था। ब्राहाण यज्ञ नहीं कर पाते थे। श्रीकृष्ण के जन्म प्रसंग के समय पंडित आन्जनेय ने भी प्रवचन स्थल पर पुष्प की वर्षा करने लगे।
प्रवचन देते आचार्य और उपस्थित श्रद्धालु।
प्रवचन में उपस्थित श्रोता।