चास-बोकारो की 545 दुकानों के बंद रहने से 1.10 करोड़ का लेनदेन ठप
> दुकानदारों ने दुकानों को बंद कर की जमकर नारेबाजी, लगाया काला बिल्ला
सिटीरिपोर्टर | बोकारो
दोलाख रुपए की ज्वेलरी की खरीदारी पर पैन कार्ड की अनिवार्यता के खिलाफ चास-बोकारो के सभी सर्राफा व्यवसायियों ने दुकानें बंद रखी। चास-बोकारो में सोने और चांदी की 545 दुकानें हैं। सभी दुकानें बंद रही। इससे लगभग 1.10 करोड़ का लेनदेन नहीं हो सका। व्यवसायियों ने काला बिल्ला लगाकर सरकार के प्रति नाराजगी जताई और अपनी दुकानों को बंद रखकर जमकर नारेबाजी की। संघ के अध्यक्ष सियाराम ने कहा कि बाजार मंदी के दौर से गुजर रहा है। ऐसे में सरकार का यह निर्णय सर्राफा व्यवसायियों के हित में नहीं है। बोकारो ज्वेलरी एसोसिएशन के सचिव विपिन अग्रवाल ने कहा कि सरकार नई नीतियां लागू कर व्यवसायियों को परेशान करने में लगी हुई है। चास-बोकारो ज्वेलरी एसोसिएशन के महासचिव सुभाष चंद्र मोती ने कहा कि पहले पांच लाख रुपए की खरीदारी पर जो पैन कार्ड की अनिवार्यता थी, उसी पर सरकार को कायम रखनी चाहिए थी।
नारेबाजी करते सर्राफा व्यवसायी।
आज 70 ग्राम सोने की कीमत दो लाख रुपए हो जाती है
चास-बोकारोज्वेलरी एसोसिएशन के प्रवक्ता संजय सोनी ने कहा कि आजकल ताे मात्र 70 ग्राम सोने की कीमत दो लाख रुपए हो जाती है। ऐसे में पैन कार्ड की अनिवार्यता बिल्कुल उचित नहीं है। सरकार की इस नई नीति के तहत ग्राहक सोने की खरीदारी नहीं कर रहे हैं। इसलिए इस नीति को तुरंत वापस ले लेना चाहिए। मौके पर स्वर्णकार समाज के अध्यक्ष बिंदेश्वरी प्रसाद, बबलू कुमार, शंभु सोनी, मनोज कश्यप, संजय रस्तोगी, श्रीप्रसाद, राज वर्मा, सदन कुमार, धर्मेंद्र कुमार, बंटी कुमार, देवप्रकाश, बबलू कुमार, संतोष वर्मा, जवाहर प्रसाद, गोपाल प्रसाद, कृष्णा कुमार आदि मौजूद थे।
पैन कार्ड की अनिवार्यता के खिलाफ सर्राफा दुकानें बंद