बोकारो। सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री सह झारखंड विकास मोर्चा के सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि उन्हें महागठबंधन से कोई परहेज नहीं है, परन्तु महागठबंधन में विधानसभा चुनाव किसके नेतृत्व में लड़ा जाए यह तय होना जरूरी है। उन्होंने यह भी साफ किया कि वे नहीं चाहते कि उनके नेतृत्व में महागठबंधन का चुनाव हो। जब तक नेतृत्वकर्ता का नाम सामने नहीं आएगा बाबूलाल मरांडी महागठबंधन में शामिल होने वाले नहीं हैं।
स्थानीय परिसदन में पत्रकारों से बात करते हुए मरांडी ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष
अमित शाह ने रांची में कहा कि पार्टी किसी के नेतृत्व में चुनाव नहीं लड़ेगी। इससे यह साबित होता है कि भाजपा भी नेतृत्वहीन पार्टी है। तभी तो किसी का नाम आगे नहीं लाना चाहती है। उन्होंने कहा कि हमने सुंदर झोपड़ी तैयार की है, इसमें खुश हैं। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि झाविमो सभी 81 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी। जनता के आशीर्वाद से मुख्यमंत्री बनने की तमन्ना रखते हैं, कि नेताओं के रहमोकरम पर। उन्होंने कहा कि झारखंड में भय, भूख और भ्रष्टाचार मुक्त सरकार बनानी है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कांग्रेस गठबंधन सरकार ने बालू घोटाला, कोयला घोटाला आदि किया। अगर कांग्रेस इसमें शामिल पार्टी से नाता तोड़ती है तो झाविमो कांग्रेस से गठबंधन पर विचार करेगी।
जब उनसे पूछा गया कि सेल में लौह अयस्क की कमी हो रही है ऐसे में तो कारखाना बंद हो जाएगा तो कहा कि इसमें सभी दाेषी हैं। इसके लिए पहले से ही सारी तैयारी की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा पूंजीपतियों की पार्टी है। प्रधानमंत्री चीन, जापान आदि देशों को उद्योग लगाने के लिए बुला रहे हैं। इससे बड़े-बड़े औद्योगिक घराने के लोगों को फायदा होगा कि गांव में रहने वाले गरीबों को। इस मौके पर मुख्य रूप से केन्द्रीय सचिव गणेश राय, झाविमो के जिलाध्यक्ष जयदेव राय आदि उपस्थित थे।