बोकारो. रानी मुखर्जी की फिल्म 'मर्दानी' इन दिनों काफी चर्चे में है। सिनेमा तो सिनेमा होता है, लेकिन ऐसी घटना हकीकत में हो तो चर्चा का विषय बन जाती है।
सेक्टर तीन सी, क्वार्टर नंबर 159 निवासी मोहन सिंह की पत्नी बबिता सिंह के कान की बाली झपटकर तीन युवक भाग रहे थे, उसी क्रम में उन्होंने अपनी सहेली के साथ खदेड़कर एक चेन स्नेचर को पकड़ा और ऐसा दबोचा कि वह उनकी पकड़ से छूट नहीं पाया। सड़क पर जा रहे लोगों ने उचक्के की ऐसी धुनाई की कि वह अधमरा हो गया। पकड़ा गया उचक्का बिंदा राम सेक्टर तीन सी डोमपाड़ा का रहने वाला है।
क्या है घटना
शाम को करीब साढ़े चार बजे बबिता अपनी एक सहेली के साथ पत्थरकट्टा चौक से गांधी चौक वाली मुख्य सड़क पर टहल रहीं थीं। उसी दौरान सांई अस्पताल से कुछ दूरी पर तीन उचक्के सड़क किनारे फुटपाथ पर बैठे थे।
दोनों महिला बात करते हुए जा रही थी। उसी दौरान एक उचक्के ने बबिता के कान की बाली झपट ली और तीनों सड़क किनारे झाड़ियों में भागने लगे। उसी दौरान दोनों महिला हल्ला करते हुए इनके पीछे दौड़ीं। उनकी आवाज सुनकर सड़क पर जा रहे कई युवक भी उनके पीछे दौड़े, तब तक पकड़ा गया उचक्का अनियंत्रित होकर गिर गया था, गिरते ही उसे बबिता सिंह और एक युवक ने दबोच लिया। जबकि दो अन्य भाग गए।
लगभग आधा घंटा बाद सेक्टर चार पुलिस और टाइगर
मोबाइल के जवानों ने आकर उचक्के को अपने कब्जे में लिया। बाद में उसे सिटी थाना के हवाले कर दिया गया।
लोगों ने की जमकर धुनाई, अधमरा हाेने पर पुलिस ले गई उचक्के कोउचक्का बिंदा राम के पकड़े जाने के बाद सड़क किनारे भीड़ लग गई। आने जाने वाले सैकड़ों लोग रुक कर महिला के साहस की प्रशंसा करने लगे। इस दौरान उचक्के की पिटाई भी शुरू हो गई। आने जाने वाला जो भी रुकता वह उसे पीटता।
मार खाते खाते वह अधमरा हो गया था। उसी दौरान सेक्टर चार थाना के एक पुलिस अधिकारी वहां आकर रुके, वे उचक्के को अपने कब्जा में लेना चाह रहे थे, लेकिन कोई भी उसे पुलिस को सौंपने को तैयार नहीं था। सबका कहना था, पुलिस पहले महिला के कान की बाली बरामद करे। इस दौरान उधर से गुजर रहे टाइगर मोबाइल के जवानों ने उचक्के को अपने कब्जा में लिया और सेक्टर चार थाना पहुंचाया।