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जहां सत्य है, वहीं धर्म है : आचार्य

5 वर्ष पहले
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वृंदावनके आचार्य श्री चंदन कृष्ण शास्त्री ने कहा कि यदि व्यक्ति जीवन में सत्य का पालन करें, सत्य की रक्षा करें तो धर्म सदैव उनके साथ रहता है। जिसने सत्य का परित्याग कर किया, उसके पास सिवाए भौतिक वस्तुओं के कुछ और नहीं रहा जाता। आचार्य गुरुवार को श्री हनुमान मंदिर, कुंवर सिंह कॉलोनी, चास में 5 कुंडीय यज्ञ के तीसरे दिन भक्तों को संबोधित कर रहे थे। देवी के द्वारा दैत्य कुलों का संहार और हरिश्चंद्र प्रसंग विषय पर अपना संदेश देते हुए कहा कि आचार्य ने कहा कि आज के समय में लोगों के मन में कुछ और वाणी में कुछ और कर्म में कुछ और रहता है। जीवन में सुखी और संपन्न रहने के लिए धर्म सत्य को धारण करना होगा। जहां सत्य है, वहां धर्म है। किसी भी परिस्थिति में धर्म को त्याग नहीं करना चाहिए। धर्म के लिए इंसान एक बार मरता है। पांच दिवसीय पांच कुंडीय यज्ञ के तीसरे दिन हवन, प्रतिमा-फल वास और अन्नवास का आयोजन किया गया। संध्या में नरसिंह प्रहलाद की झांकी प्रस्तुत की गई। कार्यक्रम आयोजन में राज जायसवाल, पिंकू, रोशन, रामप्रताप, शशि आदि सहयोग कर रहे हैं।

भजन-कीर्तन करते श्रद्धालु।

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