- Hindi News
- बोनस को लेकर आज एनजेसीएस की होनेवाली बैठक पर सबकी निगाहें
बोनस को लेकर आज एनजेसीएस की होनेवाली बैठक पर सबकी निगाहें
दुर्गापूजाके पहले बोनस को लेकर सेलकर्मियों में उत्कंठा बढ़ गई है। पूजा में अब पंद्रह दिन शेष रह गये हैं। सोमवार पंद्रह सितंबर को नई दिल्ली में नेशनल ज्वाइंट कमेटी आफ स्टील की बैठक पर सबकी निगाहें होंगी। वैसे भी बोनस को लेकर इस्पात कर्मियों में ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है। इस्पातकर्मियों के साथ-साथ यूनियन के नेता भी बोनस की राशि को लेकर अलग-अलग बातें बोल रहे हैं। कई यूनियन इस बार बीएसएल के अप्रैल, मई अौर जून में हुए मुनाफे को लेकर इस्पातकर्मियों के लिए अधिक बोनस की मांग कर रहें हैं। कुछ यूनियनों का कहना है कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए प्रबंधन को अधिक बोनस देने पर विचार करना चाहिए। तो इस्पात कर्मी इन नेताओं के बयानों में उलझे हैं।
2085 1260 703 308 202
2009-10 2010-11 2011-12 2012-13 2013-14
पिछले साल सर्वाधिक बोनस भिलाई और आरएमडी में
इस बार मिले 25 हजार रुपए बोनस
जयझारखंड मजदूर समाज के महामंत्री बीके चौधरी ने कहा कि पिछले वर्ष इस्पात कर्मियों को 18 हजार 40 रुपए बोनस मिला था। लेकिन इस बार प्लांट की स्थिति काफी अच्छी है। इसलिए इसे ध्यान में रखते हुए ही बोनस की राशि बढ़ाकर 25 हजार रुपये की जानी चाहिए। बोनस से इस्पातकर्मियों में नए उत्साह का संचार होता है। इससे प्लांट के उत्पादन उत्पादकता पर पूरा असर पड़ता है।
बोनसउत्पादन लाभ पर मिलता है
एटकसे संबद्ध बोकारो इस्पात कामगार यूनियन के महामंत्री अनिरुद्ध ने कहा कि बोनस प्लांट की उत्पादकता, उत्पादन, मुनाफे को लेकर तय किया जाता है। यूनियन यह मानकर चल रही है कि प्रबंधन सम्मानजनक बोनस देगा। लेकिन हमारी ओर से ज्यादा की मांग की जाएगी। क्योंकि प्रथम तिमाही में अच्छा मुनाफा हुआ है।
कम और ज्यादा मिलने के गणित में उलझे इस्पात कर्मी, यूनियन नेताओं की है अलग-अलग मांग
ऐसे में कैसे मिलेगा अधिक बोनस
अबकी दफा मिले 31 हजार रुपए बोनस
एचएमएससे संबद्ध क्रांतिकारी इस्पात मजदूर संघ के महामंत्री राजेंद्र सिंह ने कहा कि इस बार अप्रैल, मई जून को मिलाकर बीएसएल को अच्छा मुनाफा हुआ है। वहीं सेल के अन्य स्टील प्लांटों को भी मुनाफा हुआ है। इसे देखते हुए हमारी यूनियन इस बार सभी इस्पातकर्मियों के लिए 31 हजार रुपये बोनस की मांग कर रही है। उन्होंने कहा कि बहुत ज्यादा नहीं लेकिन इस बार मुनाफा बढ़ा जरूर है। इसलिए इस्पात कर्मी पिछले वर्ष की