जिले के 34 हजार लोग पहुंचे कैंसर के पास
> कोटपा का उल्लंघन करते पकड़े जाने पर कार्रवाई का निर्देश
सिटीरिपोर्टर | बोकारो
जिलेमें तंबाकू सेवन करने वालों में 34 हजार लोग कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी से ग्रस्त होने की स्थिति में पहुंच गए हैं। सरकारी अस्पतालों में अब तक इलाज कराने पहुंचे लोगों के आंकड़े इस खतरनाक स्थिति को दर्शा रहे हैं। बुधवार को उप विकास आयुक्त अरविंद कुमार की अध्यक्षता में सिगरेट एंड अदर टोबैको प्रोडक्ट एक्ट (कोटपा) लागू करने को लेकर हुई बैठक में नोडल पदाधिकारी डॉ. राजश्री रानी ने ये आंकड़े प्रस्तुत किए। बैठक में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि कोटपा का उल्लंघन करते पकड़े जाने पर उनके खिलाफ कार्रवाई करें। अधिकारियों को कोटपा 2003 की धारा 4, 6 और 6बी के बारे में विस्तार से बताया गया। अधिकारियों को यह भी कहा गया कि शिक्षण संस्थान के 100 गज की दूरी तक तंबाकू मुक्त क्षेत्र बनाना है। सार्वजनिक स्थानों पर कोई धूमपान करते पकड़ा जाए या कोई नाबालिग तंबाकू उत्पादों की खरीद बिक्री करते धरा जाए तो उस पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में ये थे शामिल
बैठकमें अपर समाहर्ता जुगनू मिंज, सिविल सर्जन डॉ. जेसी दास, डॉ. सुनील उरांव, डॉ. अर्जन प्रसाद, डॉ. राजश्री रानी, डॉ. बीपी गुप्ता, डॉ. शैलिना टुडू, मलेरिया पदाधिकारी अनिल कुमार पोद्दार समेत चास कॉलेज के प्राचार्य, रोटरी क्लब और एनजीओ के प्रतिनिधि मौजूद थे।
यह है जुर्माने का प्रावधान
सार्वजनिकस्थल पर सिगरेट-बीड़ी पीने पर दो सौ रुपए, शिक्षण संस्थानों के 100 गज की परिधि में तंबाकू उत्पाद बेचने पर दो सौ रुपए, 18 साल से कम आयु के बच्चों के तंबाकू खरीद बिक्री पर दो सौ रुपए, धारा 7 में निर्माता को उत्पाद पर स्वास्थ्य संबंधी चेतावनी अंकित करनी है, नहीं तो पहली बार दो साल कारावास या पांच हजार रुपए जुर्माना, दूसरी बार पकड़े जाने पर पांच साल का कारावास दस हजार जुर्माना, खुदरा विक्रेता पर एक साल का कारावास और एक हजार जुर्माना, उत्पाद का प्रचार करने पर धारा 5 के तहत दो साल का कारावास या दस हजार जुर्माना या दाेनों हो सकता है।
तंबाकूहै साइलेंट किलर
एनसीडीकी नोडल पदाधिकारी डॉ. राजश्री रानी ने बताया कि बोकारो जिले में जितने लाेग तंबाकू सेवन कर रहें हैं, अगर इसकी लत नहीं छोड़ते हैं तो 34 हजार लोग कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी की स्थिति में पहुंच जाएंगे। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी इसका शिकार अधिक हो रही है। तंबाकू सेवन से 90 प्रतिशत लोग ओरल कैंसर, फेफड़े के कैंसर और भोजन नली में कैंसर के शिकार होते हैं। सर्वे रिपोर्ट के अनुसार 2007 में एड्स से तीन लाख लोगों की मौत पूरी दुनिया में हुई थी, वहीं तंबाकू कैंसर से 5 लाख 70 हजार लोगों की मौत हुई।
बैठक में मौजूद अधिकारी गण।