मैथ से प्यार करें कि फोबिया पालें
ऐसे हो सकते हैं सवाल
गणितमें वेक्टर से 6 नंबर, थ्री डी से 11, डिटरमीनेंट ऑफ मैट्रिक्स से 13, लीनियर से 6, डिफरेंशियल इक्वेशन से 8, एरिया प्रॉब्लम से 6, मैक्सिमा एंड मिनिमा से 6, कंटीन्यूटी एंड मेथड ऑफ डिफरेंशिएशन से 8, प्रोबैबिलिटी से 10, रिलेशन एंड फंक्शन से 10 नंबर के सवाल पूछे जाते हैं। ये वो सवाल हैं जिन्हें हल करने में ज्यादा दिक्कत नहीं होती है।
ऐसे करें तैयारी
सबसेपहले तो हर चैप्टर के वर्किंग रूल्स या फॉर्मूले को ध्यानपूर्वक देखना चाहिए। एनसीईआरटी के बीते कुछ सालों के साल्व्ड क्वेश्चन पेपर का भी अध्ययन कर लेना चाहिए। कोई भी सैंपल पेपर लेकर तीन घंटे का एक मॉक एग्जाम देना चाहिए।
पांच सिंपल स्टेप्स को करें फॉलो
जीजीपीएसमें गणित के वरीय शिक्षक मदन कुमार ने बताया कि पांच स्टेप्स को फॉलो कर उसमें अच्छे मार्क्स लाए जा सकते हैं। एनसीईआरटी की किताब को ध्यानपूर्वक पढ़ लें। साथ ही बाजार में उपलब्ध सैंपल पेपर में दिए गए कठिन सवालों के जाल में उलझने से बचना चाहिए। सीबीएसई के पिछले सालों के क्वेश्चन पेपर के पैटर्न को देखें।
बोकारो | गणितका नाम सुनते ही मेधावी से मेधावी विद्यार्थी भी एकबारगी घबरा जाते हैं। उन्हें डर सताने लगता है कि जाने परीक्षा में गणित विषय में कैसे-कैसे सवाल पूछे जाएंगे एवं उन्हें अच्छे मार्क्स आएंगे कि नहीं। हालांकि गणित को जितना कठिन बताया जाता है उतना है नहीं।
गणित में डिस्टिंक्शन लाना बहुत आसान : महापात्रा
अयप्पापब्लिक स्कूल के निदेशक एवं शहर के प्रमुख गणितज्ञों में से एक एसएस महापात्रा ने कहा कि बच्चे गणित को लेकर मन में कोई फोबिया पालें। हकीकत यह है कि कुछ छोटी बातों को फॉलो करें तो गणित में डिस्टिंक्शन आसानी से हासिल किया जा सकता है।
इस क्रम में हल करें सवालों को
गणितके पेपर में एक नंबर के छह, चार नंबर के 13 एवं छह नंबर के सात सवाल रहते हैं। सबसे पहले छह नंबर वाले सवालों को, फिर एक नंबर वाले अंत में चार नंबर वाले सवालों को हल करना चाहिए।