आंदोलनकारियों की होने लगी है पहचान
गृहविभाग झारखंड ने जिला प्रशासन को झारखंड/वनांचल आंदोनकारियों को चिह्नित कर जांच करने का निर्देश दिया है। इसके बाद आंदोलनकारियों की जांच जिला दंडाधिकारी के विधि शाखा की ओर से कराई जा रही है। विधि शाखा के निर्देश पर प्रखंड स्तर पर अांदोलनकारियों की जांच कराई जा रही है। विधि शाखा ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को आंदोलनकारियों के आवेदन पत्र की जांच करने का निर्देश दिया है। विधि शाखा ने प्रखंड विकास पदाधिकारियों को जल्द से जल्द वांछित जांच प्रतिवेदन विहित प्रपत्र में उपलब्ध कराने को कहा है। इसमें आवेदक ने यदि केस का नाम/संख्या दिया है तो जिला के संबद्ध कार्यालय से उसकी एफआरआई/मिस केस आदि की मूल प्रति से उनके दावे को सत्यापित करेंगे। अखबार की कटिंग हो इसका प्रमाण भी दे सकते हैं।
किसे माना गया है शहीद
गृहविभाग के संकल्प संख्या 2108 दिनांक 07 मई 2012 के अनुसार शहीद वे हैं जो आंदोलन से जुड़े मामले में जेल में रहने के दौरान मरे, आंदोलन से जुड़े मामलों से पुलिस फायरिंग के दौरान मारे गए हों। इस परिस्थिति में अगर आवेदन के आश्रितों का आवेदन लिया जाएगा। यदि एक से अधिक आश्रित हो और सब मिलकर उनमें से किसी एक आश्रित को आश्रित के रूप में नामित करते हों तो इस आशय का एक आवेदन लेने को कहा गया है।
पंचायत सेवक कर रहे हैं आंदाकारियों की पहचान
प्रखंडकार्यालय को जांच करने का निर्देश देने के बाद प्रखंड विकास पदाधिकारी संबंधित पंचायत के पंचायत सेवक और जन सेवकों को इसकी जांच करने का निर्देश दिया है। पंचायत सेवक और जन सेवक इसकी जांच कर रहे हैं। इसके लिए वे संबंधित व्यक्तियों की पहचान और उसकी वास्तविकता की जानकारी ले रहे हैं। जांच पदाधिकारी यह लिखेगा कि उनके द्वारा जांच की गई है।
{ जिला विधि शाखा ने प्रखंड स्तर पर पहचान करने का दिया निर्देश
इन लोगों में से चुने जाएंगे आंदोलनकारी
बदरीबाउरी, गोपाल महली, नेहरू लाल महतो, विजय सिंह देव, शारदा भरत तिवारी, नगेन्द्र नाथ महतो, शक्ति पद राय, बबीता देवी, निताई चंद्र महतो, गोपाल महतो, पवन कुमार महतो, प्राण महतो, गौरांग कैवर्त, विश्वनाथ महतो, केदारनाथ महतो, सुदर्शन सिंह, पंचानन महतो, सीताराम महतो, प्रतिमा देव्या, मो.मजीद अंसारी, भरत कुमार महली, शोभा देवी आदि हो सकते हैं।