पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • नगर निगम में शामिल करने का विरोध शुरू

नगर निगम में शामिल करने का विरोध शुरू

6 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
डेमूडीह और फुदनीडीह के ग्रामीणों ने उपायुक्त को दिया आवेदन

चासनगर निगम में राजस्व ग्रामों को शामिल किए जाने का विरोध शुरू हो गया। नगर परिषद को नगर निगम बनाने के लिए जिला प्रशासन ने चास प्रखंड के पांच राजस्व ग्राम डेमूडीह, फुदनीडीह, बांधगोड़ा, कांड्रा और कमलडीह को शामिल करने का प्रस्ताव नगर विकास विभाग को भेजा था। इसकी जानकारी ग्रामीणों को नहीं थी। ग्रामीण विकास विभाग द्वारा प्रस्तव को स्वीकृति दे दिए जाने और चास नगर निगम की अधिसूचना जारी कर दिए जाने के बाद ग्रामीणों ने विराेध करना शुरू कर दिया है। ग्रामीण किसी भी हाल में नगर निगम में शामिल होना नहीं चाहते हैं।

गांव में किसी तरह की सुविधा नहीं है। इन दोनों में गांव में पानी, बिजली, सड़क आदि का घोर अभाव है। फिर भी ग्रामीण नगर निगम में शामिल होना नहीं चाहते। ग्रामीणों का तर्क है कि नगर निगम में शामिल होने के बाद उन्हें होल्डिंग टैक्स देना होगा। साफ सफाई और कई तरह के टैक्स उनपर थोपा जाएगा। नगर परिषद जग चास के लोगों को सुविधा दे नहीं पा रही है, तो इन सुदूर गांवो में कैसे देगी। इसलिए वे गांव में ही ठीक हैं। ग्रामीणों ने कहा कि अगर उन्हें नगर निगम में शामिल किया गया, तो वे वोट बहिष्कार करेंगे।

डीसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते ग्रामीण।

नगर निगम में शामिल किए गए डेमूडीह और फुदनीडीह के दर्जनों ग्रामीण बुधवार को उपायुक्त को आपत्ति आवेदन दिया। डेमूडीह के ग्रामीण निमाई चंद्र महतो, कृष्ण चंद्र महतो, शिवचरण महतो, काली सिंह, धनंजय महतो, सुरेश महतो, दीपक कुमार, शंभू शरण महतो, भीम कुमार, सिदाम महतो आदि ने उपायुक्त को दिए आवेदन में कहा है कि डेमूडीह गांव वर्षों से पंचायत के अधिन रहा है। गांव के लोग पंचायत में ही रहना चाहते हैं। नगर निगम में उन्हें शामिल ना किया जाए। वहीं फुदनीडीह गांव के नीलकंठ शर्मा, सचिदानंद शर्मा, जनार्दन शर्मा, शंभूनाथ शर्मा, भूदेव शर्मा, राखोहरि महथा, रामपद शर्मा आदि ने दिए आवेदन में कहा है कि फुदनीडीह के सभी लोग कृषि से ही जीवनयापन करते हैं। यह सुदूर ग्रामीण क्षेत्र है, इसे नगर निगम में शामिल करने का कोई औचित्य ही नहीं है। ग्रामीणों ने एक स्वर में नगर निगम में शामिल किए जाने का विरोध किया है।