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चास के नगर निगम बनने से लोगों में बढ़ी उम्मीद

6 वर्ष पहले
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चासके नगर निगम बनने से लोगों में कई उम्मीदें जगी हैं। सबसे बड़ी समस्या शहर में रोड जाम की है। चास में रोज रोज सड़क जाम से लोग परेशान हैं। इसकी मूल वजह सड़क किनारे गाड़ियों को मनमाने तरीके से खड़ी करना है। एनएच किनारे बड़े वाहन और बाइपास में छोटे वाहन सैकड़ों की संख्या में सड़क किनारे लगे रहते हैं। जिला प्रशासन और नगर परिषद के अधिकारी जाम से मुक्ति दिलाने के लिए बैठक ही करते हैं। ठोस पहल नहीं की जाती है। जिला प्रशासन चाहे तो चास में ट्रांसपोर्ट नगर की स्थापना कर इस समस्या से लोगों को मुक्ति दिला सकता है। ट्रांसपोर्ट नगर की स्थापना करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती नहीं है, जरूरत है गंभीरता से पहल करने की।

सुरक्षितरहेंगे ट्रक, बढ़ेगा राजस्व, कम होगी दुर्घटना : सड़ककिनारे रात में भी ट्रक और ट्रेलरों के खड़े रहने के कारण आए दिन बैटरी और टायर चोेरी की घटनाएं होती रहती हैं। ट्रांसपोर्ट नगर की स्थापना होने से इन घटनाओं पर विराम लगेगा। ट्रांसपोर्ट नगर की स्थापना होने से सड़क किनारे खड़े रहने वाले ट्रक और ट्रेलर चहारदीवारी के अंदर सुरक्षित स्थान पर रहेंगे। इससे वाहन मालिक इस बात से निश्चिंत रहेंगे कि उनके वाहन के टायर या बैटरी की चोरी हो सकती है। वहीं ट्रांसपोर्ट नगर में वाहन लगाने के एवज में सरकार को राजस्व भी प्राप्त होगा।

जमीनहै लेकिन इरादा नहीं : जिलाप्रशासन के पास ट्रांसपोर्ट नगर बसाने के लिए जमीन की कमी नहीं है। प्रशासन ने कचरा प्रबंधन के लिए नप को कालापत्थर में 10 एकड़ जमीन उपलब्ध करा दिया, लेकिन ट्रांसपोर्ट नगर के लिए जीमन अधिकारियों को जमीन दिख नहीं है।

सड़क किनारे खड़े ट्रक

ट्रांसपोर्ट नगर की मांग बहुत पुरानी है। इसके लिए पूर्व उपायुक्त सुनील कुमार, पूर्व परिवहन मंत्री चंपई सोरेन और वर्तमान डीसी उमाशंकर सिंह को भी लिखित प्रस्ताव दिया गया है। एसडीओ श्याम नारायण राम के साथ बैठक में भी चर्चा हुई थी। लेकिन अब तक कुछ ठोस पहल नहीं हुई। ट्रांसपोर्ट नगर की स्थापना बहुत जरूरी है। कुमारजितेंद्र सिंह, अध्यक्ष ट्रक ऑनर्स एसोसिएशन

सरकार को हम टैक्स देते हैं, तो सुरक्षित स्थान देना सरकार की जिम्मेवारी है। सरकार चाहे तो ट्रांसपोर्ट नगर की स्थापना करना बायें हाथ का खेल है। इससे सड़क जाम नहीं होगी और गाड़ी के सामानों की चोरी भी नहीं होगी। संजयकुमार, बोकारो नागपुर रोडवेज

ट्रांसपोर्टनगर बनने से रोड पर गाड़ी नहीं लगेगी। सरकार को इसके लिए ठोस पहल करनी चाहिए। इससे सरकार को राजस्व भी मिलेगा। वाहन भी सुरक्षित रहेंगे। चास में ट्रांसपोर्ट नगर की स्थापना बहुत जरूरी है। तरविंदरसिंह, संधु रोड लाइन

ट्रांसपोर्टनगर की स्थापना होने से गाड़ी सुरक्षित रहेंगे। तक सड़क पर गाड़ी लगाने की जरूरत ही नहीं होगी। चोरी का भी डर नहीं रहेगा। सरकार का राजस्व भी बढ़ेगा। यह बहुत जरूरी है। ट्रांसपोर्ट नगर बनना ही चाहिए। अमितकुमार, न्यू केके लॉरी सप्लायर

ट्रकों को खड़ा करने का किसी को शौक नहीं है। इससे वाहन मालिकों को ही हानि होती है। ट्रांसपोर्ट नगर बनने से गाड़ी सुरक्षित रहेंगे। अपनी सुरक्षा कौन नहीं चाहेगा। ट्रांसपोर्ट नगर बनना ही चाहिए। इंद्रजीतपारी, केके लॉरी सप्लायर

गाड़ियोंके लिए व्यवस्थित पार्किंग की व्यवस्था होनी ही चाहिए। ट्रांसपोर्ट नगर बनने से शहर का विकास भी होगा। बाहर से आने वाले ट्रक चालक यहां असुरक्षा महसूस करते हैं। उन्हें सुरक्षित स्थान मिलना चाहिए। जशवीरसिंह, एसएस रोडवेज

महानगरोंमें ट्रांसपोर्ट नगर बनाई गई है। चास- बोकारो में भी यह व्यवस्था होनी चाहिए। शहर के विकास के लिए यह मील का पत्थर साबित होगा। जिला प्रशासन को इस दिशा में ठोस पहल करनी चाहिए। ललनसिंह, ओम श्री सांई रोड लाइन

राज्यके सभी शहरों में ट्रांसपोर्ट नगर बनना चाहिए। गाड़ियां हर शहर में जाती हैं। सब जगह परेशानी है। ट्रांसपोर्ट नगर नहीं होने से गाड़ियों में चोरी होने का डर लगा रहता है। इससे सड़क जाम भी होती है। राजेशकुमार, आन रोड लाइन

ट्रांसपोर्ट नगर बनाने के लिए बात चल रही है। इस संबंध में ट्रैफिक विभाग के साथ बैठक भी हुई है। सरकारी प्रक्रिया है, थोड़ी देर होती है। लेकिन ट्रांसपोर्ट नगर बनाने से लए नगर परिषद गंभीर है। आइटीआई मोड़ के पास वन विभाग की खाली पड़ी जमीन लेने के लिए बात चल रही है। जल्द इसका रिजल्ट सामने आएगा।

{योजनाएं बनाता है जिला प्रशासन, लेकिन पहल कुछ नहीं

{ सुरक्षित रहेंगे ट्रक और ट्रेलर, बढ़ेगा सरकार का राजस्व

{ जिला प्रशासन चाहे तो बन सकता है ट्रांसपोर्ट नगर