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स्वदेशी को बढ़ावा देने के प्रण के साथ मेला खत्म

6 वर्ष पहले
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स्वदेशीजागरण मंच के तत्वावधान में सेक्टर चार स्थित मजदूर मैदान में आयोजित सात दिवसीय स्वदेशी मेला का समापन समारोहपूर्वक हो गया। समापन समारोह के मुख्य वक्ता मंच के राष्ट्रीय संघर्ष वाहिनी प्रमुख अन्नदा पाणिग्रही ने स्वदेशीवाद को बढ़ावा देने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जब हम आवश्यकता से कम वस्तुओं का उपयोग करेंगे तभी हम स्वदेशी के पथ पर चलना शुरू कर देंगे। वस्तुवादिता में कमी स्वदेशीवाद की प्रारंभ स्टेज है। विदेशी आज प्रचारादि के जरिए हमारे देश के संसाधनों पर हमले कर रहे हैं। इससे हमारी पुरानी पारिवारिक शक्तियां भी टूट रही हैं। स्वदेशी खत्म करने के लिए विदेशी षड्यंत्र चल रहा है। इसके प्रति प्रत्येक भारतीय को जागरूक होना पड़ेगा। उन्होंने विदेशी व्यापार को भारत में आमंत्रण राष्ट्रहित में अनुचित बताते हुए कहा कि जहांगीर ने भी ईस्ट इंडिया कंपनी को आमंत्रित िकया थाद। नतीजा क्या हुआ सभी जानते हैं। इस मौके पर बीएसएल के अधिशासी निदेशक शितांशु प्रसाद ने स्वदेशी विचारधारा को अपनाने बल दिया। विशिष्ट अतिथि पूर्व केन्द्रीय मंत्री प्रो. रीता वर्मा ने कहा कि विदेशी भारतीय बाजार संसाधनों पर कब्जे के लिए छद्म लड़ाई लड़ रहा है। इससे बचने के लिए उत्कृष्ट प्रकृति का उत्पादन जरूरी है। इस मौके पर स्वदेशी जागरण मंच के क्षेत्री संयोजक सचिन्द्र कुमार बरियार ने कहा कि मंच का काम केवल मेला लगाना ही नहीं है। विदेशी आर्थिक साम्राज्यवाद के खिलाफ दबाव बनाना मंच का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने अधिकाधिक रोजगार सृजन वाले भारत निर्माण के लिए मेड बाय इंडिया की परिकल्पा साकार करने पर बल दिया। इस कार्यक्रम का संचालन प्रांतीय मेला प्रमुख दिलीप वर्मा तथा धन्यवाद ज्ञापन जिला संयोजक कुमार संजय ने किया। समारोह की अध्यक्षता गंगा देवी भालोटिया ने की। प्रारंभ में स्वागत भाषण प्रांतीय कार्यालय प्रमुख अमरेन्द्र कुमार सिंह ने किया तथा मिथिला अकादमी पब्लिक स्कूल के बच्चों ने स्वागत गान प्रस्तुति किया।

अंतिम दिन खूब हुई खरीदारी

स्वदेशीजागरण मंच द्वारा आयोजित साप्ताहिक इस्पातांचल स्वदेशी मेला बुधवार को संपन्न हो गया। अंतिम दिन भी लोगों ने स्वदेशी सामानों की खूब खरीदारी की। वहीं लोगों ने स्वदेशी जागरण मंच द्वारा लगाए गए लिटी चोखा का स्वाद चखा। वहीं मेला में हुए विभिन्न प्रतियोगिताओं के प्रतिभागियों के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। मेला में कालीन, गीता प्रेस की किताबें, घरेलू सामान, फर्नीचर, चिनी मिट्टी के सामान, सोफा, बोकारो के एनजीओ द्वारा बनाए गए अचार, घर के सजावट की वस्तुएं, चिकित्सकिय सामान आदि सामानों की खूब बिक्री हुई।

पुस्तकों का अवलोकन करते लोग।

स्वदेशी सामान की खरीदारी करते लोग।