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अशोक कुमार विश्वकर्मा|बोकारो

6 वर्ष पहले
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अशोक कुमार विश्वकर्मा|बोकारो

अबनेशनल मोबाइल मेडिकल यूनिट में काम करने वाले चिकित्सकों कर्मचारियों की बहानेबाजी नहीं चलेगी। इसके लिए नेशनल हेल्थ मिशन ने सभी एनएमएमयू में जीपीएस डिजीटल कैमरे लगाने शुरू कर दिए हैं। इस सुविधा के बहाल होने से अधिकारी सीधे मुख्यालय से बैठे हुए ही उनकी गतिविधियों के बारे में जानकारी ले सकेंगे। फिर उसका मिलान रूट चार्ट से करके उसकी सही जानकारी ले।

ये सुविधाएं हैं उपलब्ध

नेशनलमोबाइल मेडिकल यूनिट में ग्लोबल प्रासेसिंग पद्धति लगाई गई है। इससे अब रूट चार्ट के अनुसार यह तय करना आसान हो जाएगा कि किस समय, किस स्थान पर, मुख्यालय से कितनी दूर पर यह चलंत चिकित्सा वाहन काम कर रहा है। उसका सही आकलन किया जा सकेगा। जबकि डिजीटल कैमरा यह तय करेगा कि चलंत मोबाइल मेडिकल से कितने मरीजों का इलाज हुआ।

चिकित्सक जाते हैं या नहीं, पता चलेगा : जीसी

^पहलेजीपीएस डिजीटल कैमरे के नहीं होने से रूट का पता ही नहीं चलता था। साथ ही शिविर में चिकित्सक और कर्मचारी पहुंचते हैं या नहीं इसका भी पता नहीं चल पाता था। इससे लोगों तक चिकित्सा सेवा नहीं पहुंच पाने की शिकायत मिलती रहती थी। इस पर भी अंकुश लगेगा।’’ उमाशंकरसिंह, उपायुक्त, बोकारो