व्यवसायियों की रोड परमिट पर लगी रोक हटी
> उच्च न्यायालय की शरण में जाते ही विभाग ने बदला आदेश
सुरेन्द्रसावंत | बोकारो
पूरे राज्य के 2500 व्यवसायियों के रोड परमिट पर लगी रोक वाणिज्य कर विभाग ने उस वक्त हटा ली, जब बोकारो के एक व्यवसायी ने हाई कोर्ट में विभाग के खिलाफ याचिका दायर कर दी। बोकारो की यूनिक इंजिकोन नामक कंपनी की ओर विभाग के बेवसाइट से रोड परमिट निकालने की कोशिश की तो पता चला कि उनका रोड परमिट लॉक कर दिया गया है। सात जनवरी को व्यवसायी ने विभाग के खाते में टैक्स जमा कर दी। जमा करने के 24 घंटे के बाद रिटर्न आठ जनवरी को दोपहर 12 बजे जमा कर दी गई।
जमा करने के बाद विभाग की ओर से कंपनी के नाम पर नोटिस जारी कर कहा गया कि आपने टैक्स और रिटर्न जमा नहीं किया है, इसलिए क्यों नहीं आपके ऊपर धारा-40 (2) लगाया जाए। इसके साथ ही व्यवसायी पर टैक्स का तीन गुणा अर्थ दंड भी विभाग ने लगा दिया।
हाई कोर्ट जाते ही विभाग हुआ नरम
व्यवसायीके अधिवक्ता अंजनी कुमार रुपक ने बताया कि विभाग के मनमाने रवैये से विवश होकर उक्त व्यवसायी ने 15 जनवरी को हाई कोर्ट की शरण ली। हाई कोर्ट में याचिका दायर करने के बाद वाणिज्य कर विभाग की नींद खुली और हाई कोर्ट की ओर से फटकार नहीं लगे, इससे बचने के लिए 09 फरवरी को वाणिज्य कर संयुक्त आयुक्त की ओर से आदेश निकाला गया कि जिन व्यवसायियों द्वारा स्वीकृत टैक्स की राशि जमा कर दी गई है, उनका रोड परमिट अनलॉक कर दिया जाए। इसे आदेश की वजह से बोकारो के 89 व्यवसायियों सहित झारखंड के 2500 व्यवसायियों ने राहत की सांस ली। वाणिज्य कर विभाग द्वारा रोड परमिट पर लगी रोक को हटाने के निर्णय का स्वागत करते हुए चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष मनोज चौधरी ने कहा कि विभाग को व्यवसायियों के हित का ध्यान रखना चाहिए। ताकि व्यवसाय भी ठीक हो और विभाग को राजस्व भी मिलती रहे।
विभाग ने हटा दी है रोक
जिनव्यवसायियों का रोड परमिट लॉक कर दिया गया था, उनमें से बोकारो के एक व्यवसायी ने उच्च न्यायालय की शरण ली। इसके बाद विभाग ने बोकारो के 89 व्यवसायियों सहित पूरे राज्य के 2500 व्यवसायियों के रोड परमिट पर लगी रोक हटा ली गई है।\\\'\\\' सदयकुमार, वाणिज्य कर उपायुक्त, बोकारो अंचल