बोकारो. दुनिया 21 वीं सदी में जाने को अग्रसर है। विज्ञान ने काफी तरक्की कर ली है। मगर अंधविश्वास आज भी कायम है। ऐसा ही एक मामला नगर के सेक्टर चार सर्कस मैदान स्थित झोपड़पट्टी में देखने को मिला। यहां राजेश कुमार यादव के पांच वर्षीय पुत्र कुणाल कुमार की मौत शुक्रवार की रात में हो गई थी।
सुबह बीजीएच में चिकित्सकों ने भी इसे मृत घोषित कर दिया था। मगर ममता और अंधविश्वास से जकड़े राजेश यादव को यह विश्वास ही नहीं हो रहा था कि उसका पुत्र मौत की आगोश में समा गया है। तो वह बेटे के जिंदा हो जाने की उम्मीद में बगल के ग्रामीण क्षेत्र से एक ओझा को बुला लिया। ओझा ने सुबह में झोपड़ी से सबको बाहर निकालकर दरवाजा बंद कर दिया। इसके बाद काफी देर तक वह अंदर झाड़-फूंक और दूसरी क्रियाएं करता रहा। बाद में ओझा यह कहते हुए बाहर निकल गया कि यह उसके वश में नहीं है। इसके बाद बच्चे का अंतिम संस्कार किया गया।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार की रात बच्चा अपने बाबा मेवालाल और अन्य दो भाइयों के साथ झोपड़ी में जमीन पर सोया था। इसी दौरान किसी विषैले जीव ने उसे काट लिया। तो रात में ही उसने अपनी मां को बताया कि उसे किसी जीव ने काट लिया है। तो रात में ही उसे बीजीएच ले जाया गया। सुबह होते-होते उसकी मौत हो गई। चिकित्सकों ने सुबह में ही उसे मृत घोषित कर दिया। मगर किसी के कहने पर मृत बच्चे के पिता ने ओझा को बुला लिया।