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गुरु पर्व की धूम : नानक नाम जहाज है, चढ़े सो उतरे पार...

7 वर्ष पहले
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नानकनाम जहाज है, जो चढ़े सो उतरे पार..., गुरुनानक शाह फकीर, हिंदुओं के गुरु, मुस्लिम के पीर... आदि जैसे दोहों को गाते हुए चास गुरुद्वारा से गुरु नानक जयंती के अवसर पर भव्य झांकी निकली। सैकड़ों दोपहिया, चारपहिया और बस-ट्रेलरों पर सवार लोग गुरुपर्व के जुलूस में शामिल हुए। गतका पार्टी के कारनामे और गुरुग्रंथ साहेब के दर्शन के लिए पूरे शहर में भीड़ उमड़ पड़ी थी।

सिखों के 10 गुरु

इस साल नहीं कर पाए स्टंट

हरसाल जुलूस के दौरान बाइकर्स स्टंट करते थे। इससे दुर्घटनाएं हो चुकी हैंं। ऐसे में इस साल प्रशासन ने दोपहिया वाहनों पर रोक लगा दिया था। हालांकि काफी संख्या में दोपहिया वाहन जुलूस में शामिल हुए, लेकिन स्टंट पर रोक लगी रही। स्टंट रोकने और विधि व्यवस्था संभालने के लिए डीएसपी मनीष टोप्पो, थाना प्रभारी प्रेम मोहन पुलिस बल के साथ जुलूस में चल रहे थे।

गतका पार्टी ने दिखाए हैरतअंगेज कारनामे

पंजाबसे आई गतका पार्टी ने हैरतअंगेज कारनामे दिखा कर सबको आश्चर्यचकित कर दिया। तलवारबाजी के साथ तरह तरह के करतब दिखाए। बग्गी में गुरुनानक जी की विशाल तस्वीर रखकर जुलूस में शामिल किया गया था। वहीं घोड़ो पर निहंग बैठकर सवारी कर रहे थे। जुलूस में ढोल पार्टी, बैंड पार्टी, टेंपो लाइट भी शामिल किया गया था।

तोरणद्वार और लाइट से सजा शहर

चासगुरुद्वारा से सेक्टर दो, बोकारो गुरुद्वारा तक लगभग 30 तोरणद्वार लगाए गए थे। सभी तोरणद्वार पर गुरुग्रंथ की वाणी लिखी थी। गुरुद्वारा को लाइट से आकर्षक तरीके से सजाया गया था, वहीं चास से लेकर बोकारो तक लाइट की व्यवस्था की गई थी। फूल से सजी ट्राली और गुरुग्रंथ साहेब की पालकी जुलूस में आकर्षण का केंद्र रही।

गुरुद्वारा में दिन भर चला लंगर

गुरुद्वारामें दोपहर से ही लंगर शुरू हो गया था। 10 हजार लोगों ने लंगर खाया। दिन भर गुरुद्वारा में शबद कीर्तन होता रहा। इसमें सैकड़ों लोगों ने भाग लिया। लोगों ने गुरुद्वारा में मत्था टेक आशीर्वाद लिया। गुरुद्वारा में भीड़ के कारण दर्शन और लंगर के लिए महिला पुरूषों की अलग अलग व्यवस्था की गई थी।

महिलाएं चल रही थीं झाड़ू लगाते हुए

गुरुग्रंथसाहेब की पालकी के आगे आगे महिलाएं झाड़ू लगाती चल रही थीं। पानी के टैंकर से सड़क पर पानी डाला जा रहा था। महिलाएं सड़क की सफाई कर रही थीं और पीछे पीछे गुरुग्रंथ साहेब की पालकी रही थी। इस दौरान