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मंत्रोच्चारण के साथ किया जा रहा है मानस पाठ
गणपतिधाम ढोरी बस्ती में चल रहे श्रीराम चरित्र मानस महायज्ञ अौर वार्षिक गणेश मेला के दूसरे दिन से श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। यहां महंत बंशीधर गिरि के सानिध्य में महायज्ञ हो रहा है। मेला में सबसे अधिक उत्साह बच्चों में देखा जा रहा है। प्रतिदिन देवघर से आए यज्ञाचार्य आचार्य अभिमन्यु कुमार पांडेय श्रीराम चरित्र मानस पाठ कर रहे हैं। यहां यज्ञ में हो रहे पाठ से क्षेत्र का वातावरण भक्तिमय हो गया है। यज्ञ एवं मेला को सफल बनाने में कमेटी के सभी पदाधिकारी अौर कार्यकर्ता लगे हुए हैं।
अखंडहरि कीर्तन की शुरुआत
फुसरो| श्रीश्रीहनुमान मंदिर पूजा समिति मकोली द्वारा हनुमान मंदिर के स्थापना दिवस पर 24 घंटे के अखंड हरि कीर्तन का आयोजन किया गया। पुजारी पंडित भाग्य नारायण झा, बैजनाथ मिश्रा, रामेश्वर मिश्रा द्वारा संयुक्त वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पूजा-पाठ कराई गई। जिसमें काफी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु सम्मिलित हुए। अखंड़ हरि कीर्तन में रामनगर, सेंट्रल काॅलोनी, फुसरो, ढोरी स्टाॅफ क्वार्टर के कीर्तन मंडली शामिल हुई। हरे रामा, हरे कृष्णा की गूंज से आसपास का वातावरण भक्तिमय हो गया। कमेटी के राकेश सिंह ने बताया कि अखंड हरि कीर्तन की समाप्ति के बाद भंडारा का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम को सफल बनाने में समरेश सिंह, उमेश यादव, मनोज जायसवाल, मंजीत सिंह, बम सिंह, धर्मेंद्र सिंह, गणेश सिंह आदि है।
यज्ञमें उमड़ रही है भीड़
गांधीनगर|चार नंबर स्थित रथ मंदिर राम चरित्र मानस नवाहन परायण यज्ञ के चौथे दिन पर आसपास के सैंकड़ों महिला, पुरुष श्रद्धालु ने यज्ञ स्थल की परिक्रमा की। यहां संध्या में देवघर से आए व्यास अभिमन्यु पांडेय, अयोध्या से आए रघुनाथ दास रामायणि, सुरदास बाबा द्वारा प्रवचन प्रतिनिधि दिया जा रहा है। 13 फरवरी को प्रतिमा विर्सजन एवं भंडारा के साथ यज्ञ का समापन होगा।
मानस पाठ करते श्रद्धालु।
बोकारो | शैव गोस्वामी समाज का वार्षिक सम्मेलन सिटी पार्क स्थित वनभोज स्थल में सम्पन्न हुआ जिसमें झारखंड के विभिन्न जिलों के प्रतिनिधियोें ने हिस्सा लिया। शैव गोस्वामी समाज के अध्यक्ष सुन्दर गोस्वामी ने कहा कि हमें सभी एकादश गोस्वामी संप्रदाय को एकजुट होकर अपने सामुदायिक एकता का परिचय देना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारी जाति को कहीं सामान्य वर्ग में रखा गया है तो कहीं ओबीसी में। झारखंड राज्य में पिछड़ी जाति की अनुसूची दो के क्रमांक 11 में दर्ज जाति जोगी के प्रकोष्ठ में ’गोसाई’ को समावेशित किया गया है। खोरठा साहित्यकार मनपूरन गोस्वामी ने कहा कि जनेउ पहनने के और चोटी रखने से ही कोई ब्राह्मण नहीं हो जाता। उसी प्रकार गोस्वामी को पिछड़ी जाति घोषित किए जाने से उसके सामाजिक मान-सम्मान में कहीं कोई कमी नहीं आएगी, बल्कि आरक्षण के लाभ से युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। आज समाज में धनाढ्य और शोषक समुदाय अपने को आदिवासी घोषित करने की मांग कर रहा है वहीं सचमुच का पिछड़ा समुदाय होने के बावजूद केवल टिका-चोटी रखने के कारण अगड़ी जाति में गिनना न्यायोचित नहीं है। समाज में सभी जाति समुदाय की अपनी विशिष्ट पहचान होती है। अपने पहचान के साथ समाज की मुख्यधारा में भागीदार होने की आवश्यकता है। जितेन्द्र नाथ गोस्वामी उर्फ मणिलाल ’मणि’ ने शैव गोस्वामी समाज के प्रतिक चिह्न के रूप में भगवा ध्वज में साँढ़ को रखने की बात कही। इस सम्मेलन में दर्जनों प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे। इसमें मुख्य रूप से डाॅ. महेन्द्र नाथ गोस्वामी, डाॅ. पुर्णेदू गोस्वामी, सरयू प्रसाद गोस्वामी, दशरथ गोस्वामी, भोला नाथ गोस्वामी, सुरेश गोस्वामी, बासुदेव गोस्वामी, दुर्गावति गोस्वामी, मीरा जोगी, रंजनी गोस्वामी, सुमीत्रा गोस्वामी, ममता गोस्वामी, मीरा देवी, मीना देवी, मुक्तेश्वर गोस्वामी, गीता देवी, गिरिधारी गोस्वामी, दीपक कुमार आदि मौजूद थे।