नशा है नाश का द्वार
बोकारो| नशानाश का द्वार है। नशा करने वाले व्यक्ति पहले घर का नाश करता है, उसके बाद समाज का। ऐसे व्यक्ति से समाज के लोग भी धीरे धीरे कटते चले जाते हैं। यह कहना है स्वास्थ्य एवं पर्यावरण संरक्षण संस्थान के महासचिव शशिभूषण ओझा मुकूल का। वे नशा नाश का द्वार विषय पर आयोजित गोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।