बोकारो। भूमि अधिग्रहण कानून देश के लिए काला कानून है। यह अंग्रेजों की सत्ता की तरह ही लाया हुआ अध्यादेश है। यह कहना है इंडियन तन्जीम इंसाफ के राष्ट्रीय सचिव इफ्तेखार महमूद का।
वे शंकर मांझी की अध्यक्षता में ऑल इंडिया तंजीम इन्साफ और अखिल भारतीय आदिवासी महासभा के संयुक्त तत्वावधान में समाहरणालय के समक्ष आयोजित एक दिवसीय धरना कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नया भूमि अधिग्रहण कानून देश के लिए काले कानून की तरह है जो अंग्रेजो के बनाए गए अध्यादेश उपर ही आधारित है।
उन्होंने कहा कि अन्य प्रखंड के तरह ही चास प्रखंड के अंतर्गत उतरी क्षेत्र के गांव वाले को पंचायत में शामिल करें अन्यथा वह सड़क पर उतरने के लिए बाध्य होंगे। आदिवासी महासभा की ओर से शंकर मांझी ने कहा कि प्रदेश में अधिकतर मंत्री आदिवासी ही बने और उनसे सबसे ज्यादा नुकसान आदिवासियों को ही हुआ। राष्ट्रीय परिषद सदस्य मो इस्ताक अंसारी ने कहा कि छह सूत्री मांग पर अगर जिला प्रशासन उचित विचार नहीं करता है तो एक महीने के अंदर एनएच सड़क को जाम करने को बाध्य होंगे।