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चास को मिला नगर निगम का दर्जा

6 वर्ष पहले
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चासनगर परिषद का नगर निगम का दर्जा मिल गया। राज्यपाल सैय्यद अहमद के आदेश के बाद नगर विकास विभाग के सचिव अजय कुमार सिंह ने सोमवार को अधिसूचना जारी कर दी। ज्ञापांक 4/न.वि./गठन/129/2014 दिनांक नौ फरवरी 2015 में सचिव सिंह ने जारी अधिसूचना में कहा है कि बोकारो जिला प्रशासन द्वारा दिए गए प्रस्ताव के आलोक में पांच राजस्व गांवों को समाहित करते हुए चास नगर निगम की अधिसूचना घोषित की जाती है।

पहले थी जनसंख्या 141640 अब होगी 156888

चासनगर परिषद की जनसंख्या पूर्व में 141640 थी। नगर परिषद में 30 वार्ड थे। अब पांच राजस्व गांवों को मिलाए जाने के बाद इसकी आबादी 156888 हो गई और वार्ड 34 हो गए। नगर निगम बनाने के लिए डेढ़ लाख से ज्यादा आबादी होनी जरूरी होती है।

दोबाराकरना होगा पंचायतों का पुनर्गठन

चासको नगर निगम बनाए जाने के बाद अब प्रखंड के पंचायतों का दोबारा पुनर्गठन करना होगा। कुछ दिनों पहले पंचायत चुनाव के लिए पंचायतों का पुनर्गठन कर गजट प्रकाशित किया गया था।

बोकारो के उपायुक्त उमाशंकर सिंह ने 20 अक्टूबर 2014 को नगर परिषद से सटे चास प्रखंड के पांच राजस्व गांवो को मिलाकर चास को नगर निगम का दर्जा देने का प्रस्ताव भेजा था। इनमें नावाडीह पंचायत के डेमूडीह और फदनीडीह गांव, कमलडीह पंचायत के कमलडीह गांव, बांधगोड़ा पंचायत पूरा और कांड्रा पंचायत का अंश शामिल किया गया था। नगर विकास विभाग ने इन पांचों गांवो को शामिल कर नगर निगम की अधिसूचना जारी कर दी है।

अगस्त से चल रही थी निगम बनाने की प्रक्रिया

उल्लेखनीयहै कि नगर विकास विभाग, रांची ने झारखंड अधिनियम 07, 2012 की धारा तीन की उपधारा एक और दो तथा धारा छह और आइ के द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए झारखंड के राज्यपाल द्वारा चास नगर परिषद के साथ आसपास के पांच राजस्व गांवों को समाहित करते हुए अधिसूचना संख्या 3858, दिनांक 28 अगस्त 2014के द्वारा वृहत्तर शहरी क्षेत्र (नगर निगम) घोषित करने का प्रारूप आदेश प्रकाशित करते हुए 30 दनों के अंदर आपत्ति एवं सुझाव आमंत्रित किया गया था।

{पांच राजस्व गांवों को मिलाकर बनाया गया नगर निगम

{दोबारा करना होगा पंचायतों का पुनर्गठन