आश्वासन देने में चार दिन लगे
चास बीडीओ विजयेंद्र कुमार पर 13वें वित्त आयोग, मनरेगा और इंदिरा आवास में गड़बड़ी के आरोप में पंचायत समिति सदस्यों का चार दिन से चला रहा अनशन समाप्त हो गया। अनशन पर बैठे सदस्यों को जांच का आश्वासन देने में जिला प्रशासन को चार दिन लगे। अनशन के दौरान जिला प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई थी। शुक्रवार को एसडीओ श्याम नारायण राम अनशन स्थल पर आए जरूर लेकिन तीन बजे वार्ता करने का आश्वासन देकर चले गए, फिर वापस नहीं आए। जिला परिषद अध्यक्ष मिहिर डीसी से वार्ता करने के बाद प्रखंड कार्यालय पहुंचे। इसके बाद एसडीओ राम भी पहुंचे। जिप अध्यक्ष की पहल पर वार्ता हुई और उनकी मांगों पर जांच का आश्वासन दिए जाने पर आंदोलन समाप्त हो गया। मौके पर अंचल अधिकारी रामनरेश, पंचायत समिति सदस्य अशोक, विनोद, जुबेर, रीना आदि मौजूद थे।
छहबिंदुओं पर जांच
पंचायतसमिति सदस्यों ने छह बिंदुओं पर जांच की मांग की। इनमें 13वें वित्त आयोग की प्रस्तावित योजनाओं पर मनमाने ढंग से प्रशासनिक स्वीकृति देने, पंचायत अधिनियम के विरुद्ध विभागीय अभिकर्ता नियुक्त करने, कैमरा खरीदने के दौरान क्रय समिति को दरकिनार करने, समिति की मासिक बैठकों में लिए गए प्रस्तावों पर कार्रवाई नहीं करने, भवन निर्माण में पंचायती राज अधिनियम के विरुद्ध भाग एक, भाग दो और भाग तीन के आधार पर कार्यादेश देने, मनरेगा की योजनाओं में मजदूरी, बोर्ड और शेड के नाम पर राशि का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया गया है।
आंदोलनकारियों से वार्ता करते एसडीओ और जिप अध्यक्ष।