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आए थे आतंक फैलाने लेकिन अब खानी होगी जेल की हवा

9 वर्ष पहले
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बोकारो . जिला एवं सत्र न्यायधीश द्वितीय एसपी सिन्हा की अदालत ने उग्रवादी गतिविधियों में शामिल चार अभियुक्तों को 10-10 वर्ष सश्रम कारावास व 5-5 हजार रुपए के जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं देने पर छह-छह महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

19 फरवरी को इन चारों अभियुक्तों को न्यायालय ने दोषी करार दिया था। जिनको सजा हुई है उनमें प्रदीप जैन उर्फ पप्पू जैन, दासो मांझी, जीतू सिंह उर्फ जितेंद्र सिंह तथा कुंदन सिंह शामिल हैं। मामले में सरकार की ओर से लोक अभियोजक आरके राय ने पैरवी की।राय के साथ अधिवक्ता रंजीत गिरि भी मौजूद थे। सजा सुनाए जाने के दौरान पूरा क्षेत्र पुलिस छावनी में तब्दील था।

12 अगस्त 2007 को हुई थी गिरफ्तारी

तत्कालीन डीआईजी कोयला क्षेत्र अनुराग गुप्ता तथा पुलिस अधीक्षक प्रिया दुबे के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने तीन उग्रवादियों को लैपटॉप, लेवी की रकम और नक्सली साहित्य के साथ गिरफ्तार किया था।गिरफ्तार तीनों ने पूछताछ में इस बात की जानकारी दी थी की हथियार के साथ प्रदीप जैन, दासो, जीतू कुमार सिंह और कुंदन हथियार के साथ बोकारो आने वाले हैं।

इनकी निशानदेही पर 12 अगस्त 2007 को नया मोड़ बस स्टैंड से पुलिस ने प्रदीप जैन उर्फ पप्पू जैन, दासो मांझी, जीतू सिंह उर्फ जितेंद्र सिंह तथा कुंदन सिंह को 101 एसएलआर की गोली, 25 पीस 30.06 का जीवित कारतूस, एके 47 का 61 राउंड जिंदा कारतूस, सरकारी हथगोला, 4 सेफ्टी फ्यूज डेटोनेटर और 25 हजार नगद के साथ गिरफ्तार किया गया था।