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लोकसभा चुनाव जैसा नहीं दिखा उत्साह, फिर भी अव्वल रहा सिंदरी
>मौसम की मार वोटरों पर पड़ा, फिर भी जिले के छह विधानसभा में सिंदरी में 65 फीसदी मत पड़े
राजागुप्ता|धनबाद
विधानसभाचुनाव में लोकसभा जैसा उत्साह नहीं दिखा। खराब मौसम की मार वोटरों पर पड़ा। फिर भी छह विधानसभा क्षेत्र में हुए मतदान के दौरान सिंदरी विधानसभा क्षेत्र में ही मतदाता देखे गए। कई बूथों पर महिलाएं अधिक दिखी, तो कुछ बूथों पर पुरुष दिखे। पुरुष सुबह ही वोट देकर घर के लिए रवाना हो गए। जबकि महिलाएं घर का नाश्ता और खाना बनाने के बाद घरों से वोट देने निकली थी। लोकसभा चुनाव में सिंदरी विधानसभा क्षेत्र में भीषण गर्मी में जहां मतदाताओं ने 70 फीसदी वोट डालें, वहीं विधानसभा चुनाव के दौरान शीतलहरी के कारण लोगों का रुझान कम पड़ गया। सिंदरी विधानसभा चुनाव में इस बार 65 फीसदी वोट डाले गए। सिंदरी विधानसभा क्षेत्र में 50 फीसदी बूथ सड़क के किनारे थे, वहीं 50 फीसदी बूथ ग्रामीण क्षेत्रों में टूटी-फूटी सड़कों के किनारे थे। सबसे अधिक बलियापुर प्रखंड के विभिन्न ग्रामीण इलाकों के बूथों पर वोटरों की संख्या अधिक देखी गई।
बूथ नंबर 204 में सुबह 11 बजे तक 70 फीसदी मतदान
सिंदरी विस क्षेत्र में 2 लाख 87 हजार मतदाता हैं। यहां बूथों की संख्या 349 है। जबकि मॉडल बूथों की संख्या 26 है। विभिन्न बूथों पर सुबह में सबसे अधिक वोटर देखे गए। सुबह होेते ही लोग चाय बिस्कुट खाकर बूथों की तरफ चल पड़े। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच चौथे चरण का मतदान हुआ। किसी भी बूथ पर हिंसक आंशिक झड़प की घटनाएं नहीं हुई। सभी लोग शांतिपूर्ण तरीके मतदान कर रहे थे। सभी बूथों पर अर्द्धसैनिक जिला पुलिस के अधिकारी जवान थे। दोपहर बाद बूथों पर सन्नाटा छा गया। सिंदरी विधानसभा क्षेत्र में तीन बजे तक मतदान होना था, लेकिन दोपहर 12 बजे के बाद ही सन्नाटा छा गया। इक्के-दुक्के ही लोग जा रहे थे। इस दौरान दोपहर में कम वोटिंग हुई।
दोपहर बाद छा गया सन्नाटा
सिंदरी विधानसभा क्षेत्र का अधिकांश इलाका ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाहन की सुविधा नहीं होने की वजह से पुरुष महिलाएं पैदल ही बूथों के लिए चल पड़े।
सड़कें पक्की नहीं बनने से लोग नेताओं के सिर दोष मढ़ रहे थे, लेकिन उनके कदम बूथों की तरफ बढ़ रहे थे। उनका मानना था कि इस बार किसी अच्छे नेता को चुनेंगे जो हर इलाके की सड़कों को बेहतर तरीके से बनाएंगे। बेलगड़िया, पलानी मल्लिकडीह आदि इला