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सब-स्टेशनों के निर्माण का हाल

6 वर्ष पहले
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सिविल वर्क पूरा, इलेक्ट्रिकल को करंट

ओवरलोड,बिजली ट्रिपिंग और लो वोल्टेज से इस गर्मी भी राहत नहीं मिलेगी। धनबाद के सभी बिजली सब-स्टेशनों की निर्माण की गति धीमी है। खरकाबाद सब-स्टेशन का निर्माण पोल के अभाव में रुका हुआ है, वहीं इंसुलेटर नहीं होने के कारण रघुनाथपुर सब-स्टेशन का निर्माण काम धीमा है। सबसे खराब स्थिति पॉलिटेक्निक सब-स्टेशन निर्माण की है। यहां ठेकेदार की मर्जी के आगे विभाग विवश हो गया है। सिविल वर्क पूरा होने के छह माह बाद भी यहां इलेक्ट्रिकल काम शुरू नहीं हुआ है। कलियासोल सब-स्टेशन का निर्माण कार्य स्थानीय लोगों के विरोध के बाद धीमा पड़ गया है। तत्कालीन ऊर्जा मंत्री राजेंद्र सिंह ने इन सब-स्टेशनों का निर्माण जून 2015 तक पूरा करने का निर्देश जारी किया था। निर्माण की धीमी गति को देखते हुए किसी भी सब-स्टेशन के समय पर पूरा होने की संभावना कम ही दिखती है।

सब-स्टेशनों की क्षमता 5 मेगावाट

निर्माणाधीनसभी सब-स्टेशनों की क्षमता 5-5 मेगावाट है। इन सब-स्टेशनों के निर्माण का मकसद शहर के ओवरलोड को कम करना है। बिजली विभाग की यह योजना लोगों को लो वोल्टेज, बिजली ट्रिपिंग और तार टूटने की समस्याओं से निजात दिलाएगी।

^निर्माणाधीन सब-स्टेशनों में पॉलिटेक्निक का निर्माण कार्य धीमा है। यहां इलेक्ट्रिकल का काम शुरू नहीं हुआ है। ठेका कंपनी को जल्द निर्माण शुरू करने को कहा गया। कलियासोल में 90 प्रतिशत काम पूरा है। यहां स्थानीय विवाद सलटने के बाद निर्माण पूरा हो जाएगा। खरकाबाद और रघुनाथपुर में निर्माण कार्य पार्ट्स की कमी के कारण रुका है। इसे जल्द ही शुरू कराया जाएगा।’’ धनेशझा, जीएम, झारखंड बिजली वितरण लिमिटेड, धनबाद

इंसुलेटर के इंतजार में गुजरा वक्त | खरकाबादसब-स्टेशन का निर्माण 90 प्रतिशत हो गया है। इंसुलेटर की कमी ने यहां निर्माण कार्य को पूरा नहीं होने दिया। तमाम पार्ट्स बिजली विभाग को उपलब्ध कराने हैं। बिजली विभाग यहां तय समय पर इंसुलेटर ही उपलब्ध नहीं करा पाया। कई दिन इंसुलेटर के इंतजार में गुजर गए। अफसर अब कह रहे हैं कि इंसुलेटर गया है और जल्द ही निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा।

स्थानीय विवाद में उलझा निर्माण | कलियासोलसब-स्टेशन का निर्माण उलझ गया है। विभाग के अनुसार, स्थानीय लोगों के विरोध के बाद निर्माण कार्य रुका है। विभाग अपने स्तर से विवाद को सुलझाने की कोशिश में जुटा है। स्थानीय लोगों से इस संबंध में बातचीत की जा रही है। विभाग के अफसरों का कहना है कि जल्द ही विवाद सलटने का अनुमान है। जैसे ही विवाद समाप्त होता है, निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।

पोल ही नहीं, कैसे बढ़ेगा काम | रघुनाथपुरसब-स्टेशन के निर्माण की गति असंतोषजनक है। यहां विभाग पोल ही उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। पोल होने के कारण इस सब-स्टेशन में इलेक्ट्रिकल काम शुरू ही नहीं हो पाया है। विभाग ने बताया कि पोल के लिए पत्र लिखा गया है। उम्मीद है कि पोल जल्द ही उपलब्ध करा दिए जाएंगे। पोल के आते ही निर्माण कार्य में तेजी आएगी।

दो माह में सिर्फ गड्ढे खोदे | पॉलिटेक्निकसब-स्टेशन के लिए सिविल वर्क छह माह पहले पूरा हो चुका है, पर इलेक्ट्रिकल काम शुरू नहीं हुआ। इसकी जिम्मेवारी झारखंड उद्योग इलेक्ट्रिकल नामक ठेका कंपनी को सौंपी गई है। दो माह में यहां सिर्फ पोल गाड़ने के लिए गड्ढे खोदे गए, पाेल एक भी नहीं लगा। ठेकेदार बेलाल खान ने कहा कि जल्द ही काम शुरू किया जाएगा। काम क्यों बंद है, इसका कोई जवाब उनके पास नहीं था।