नतीजे हैं आने वाले
नतीजे हैं आने वाले
परिणाम चुनाव के हैं आनेवाले/किस्मत के बंद दरवाजे खोलने वाले/हर तरफ हो रहा है अनुमान/प्रचार पे सबको अपने है गुमान/नेता-कार्यकर्ता हैं डींगे हांक रहे/अपनी जीत का डंका पीट रहे/मीडिया भी है हांफ रही/एक्जिट पोल जांच रही/खिलेगा कमल या हाथ का सहारा होगा/सबके सपनों पे क्या झाड़ू फिरेगा/जनता कर रही फैसले का इंतजार/सोच रही, इस बार/ राजधानी पे होगा किसका राज/दिल्ली वाकई बनेगी सरताज।
मनीषघायल वर्मा, नीलांचल कॉलोनी, धनबाद से...