अगले सत्र से खत्म हो सकता है जेईई मेन, फैसला 27 को
आईआईटी, एनआईटी, ट्रिपल आईटी, आईएसएम धनबाद और जीएफटी में एडमिशन के लिए होने वाले ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम (जेईई) मेन का अस्तित्व सत्र 2017-18 से खत्म हो सकता है। इस सिलसिले में 27 फरवरी को ज्वाइंट एडमिशन बोर्ड (जैब) की मीटिंग आईआईटी हैदराबाद में बुलाई गई है। इसमें जेईई एडवांस के सभी चेयरमैन और आईआईटी के डायरेक्टर हिस्सा लेंगे। साथ ही देश के प्रमुख इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी संस्थानों में एडमिशन की एक प्रवेश परीक्षा (जेईई एडवांस) पर फैसला करेंगे। बैठक में एक अहर्ताकारी परीक्षा पर भी फैसला संभव है, जिसका आयोजन साल में दो बार कराया जाएगा। अमेरिका के स्कूलॉस्टिक एप्टीट्यूड टेस्ट (सैट) की तरह ही देश के प्रमुख इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी संस्थानों में एडमिशन की एक व्यवस्था होगी। सत्र 2017-18 से ही साल में दो बार नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट (एनएटी) कराया जाना संभव है।
जैब बनाएगा नया नियम | जैबही आईआईटी की खाली सीटों को भरने के लिए नए नियम बनाएगा। सत्र 2017-18 का जेईई एडवांस कौन आईआईटी कराएगा, इस पर भी जैब की मुहर लगेगी।
क्या है जेईई मेन | जेईईमेन क्वालीफाई करने वालों को ही आईआईटी में एडमिशन का मौका मिल पाता है। इसमें सफल ढाई लाख स्टूडेंट जेईई एडवांस का फाॅर्म भरते और परीक्षा देते हैं। एडवांस में सफलता के बाद आईआईटी में एडमिशन होता है। सत्र 2016-17 में भी ऐसा होगा। जेईई मेन और बोर्ड मार्क्स को मिलाकर जो मेरिट लिस्ट बनती है, उससे एनआईटी, ट्रिपल आईटी और जीएफटी की सीटें भरी जाती हैं।
एनएटी में फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथमेटिक्स और अंग्रेजी के प्रश्न पूछे जाएंगे। जिन चार लाख स्टूडेंट के स्कोर अच्छे होंगे, उन्हें जेईई एडवांस का पेपर देने का मौका मिलेगा। इसमें सफलता के बाद ही आईआईटी, एनआईटी, ट्रिपल आईटी, आईएसएम धनबाद और जीएफटी में एडमिशन मिल सकेगा। अभी एडवांस से सिर्फ आईआईटी और आईएसएम धनबाद की सीटें भरी जाती हैं। जेईई मेन की मेरिट से एनआईटी, ट्रिपल आईटी और जीएफटी की सीटें भरी जाती हैं। हालांकि अगले सत्र से ऐसा नहीं होगा। सभी सीटें एडवांस से ही भरी जाएंगी।
^एनएटी का जो फॉर्मेट मानव संसाधन विकास मंत्रालय को दिया गया है, उसका परीक्षण 27 फरवरी को जैब करेगा। टेस्ट के आयोजन के लिए एक अथॉरिटी बनाने पर बात चल रही है। हालांकि इस वर्ष आईआईटी और आईएसएम में एडमिशन पुराने नियम के तहत ही होंगे।\\\'\\\' डॉटीएच सईद, वाइसचेयरमैन (जेईई), आईएसएम