धनबाद। आसमान में बादल, ठिठुरन और ठंडी हवाओं का जोर। ठंड की मार पर मतदाताओं का उत्साह भारी पड़ गया। वोटर जीता और ठंड हार गई। लोगों ने खराब मौसम की परवाह नहीं की। सुबह में 10 डिग्री सेल्सियस तापमान में घरों से निकले और मतदान केंद्र पहुंचे। 11 से 15 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार में भी वोटर लाइन में घंटों खड़े रहे। शनिवार रात में हुई बूंदाबांदी का असर रविवार के मौसम पर दिखा। सुबह से ही आसमान में बादल मंडराने लगे।
बादलों ने सूर्य को ढके रखा। मौसम के इस मिजाज सेदिनभर सिहरन महसूस होती रही, पर लोगों ने अपने उत्साह को ठंड के आगे ठंडा नहीं पड़ने दिया। मतदान केंद्रों पर लंबी लाइनें लगी। वोटरों के इस उत्साह ने धनबाद के सभी छह विधानसभा क्षेत्रों में वोट प्रतिशत बढ़ा दिया। विधानसभा चुनाव 2009 के अपेक्षा सिंदरी, निरसा, धनबाद, झरिया, टुंडी और बाघमारा में वोट अधिक पड़े।
ठंड अधिक, तो वोट भी अधिक : 2009 के विधानसभा चुनाव धनबाद में 25 नवंबर को संपन्न हुआ था। उस दिन धनबाद का न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस के करीब था। यह चुनाव दिसंबर माह में हुआ और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस रहा। ठंड बढ़ी तो वोट भी बढ़ा। 2009 के विधानसभा चुनाव में सिंदरी में 54, निरसा में 57, धनबाद में 42, झरिया में 44, टुंडी
में 57 अौर बाघमारा में 55 प्रतिशत वोट पड़े थे। इस बार 5 डिग्री सेल्सियस लुढ़के पारा में वोट देने का मौका था। जनता दुबक कर नहीं बैठी। सिंदरी में 11, निरसा में 6, धनबाद में 13, झरिया में 8, टुंडी में 5 और बाघमारा में 3 प्रतिशत वोट प्रतिशत बढ़ा दिया।
7 माह में घटा उत्साह : 7 माह पहले के लोकसभा का उत्साह इस विस चुनाव में नहीं दिखा। लोगों ने गर्मी में हुए लोकसभा चुनाव के मुकाबले ठंड में हुए विस चुनाव में कम वोट दिए। झरिया क्षेत्र में लोकसभा चुनाव में 53.59 प्रतिशत वोट पड़े थे, जबकि विस चुनाव में 52
फीसदी वोट पड़े। यही हाल धनबाद सीट का भी रहा। लोकसभा चुनाव में यहां 60 प्रतिशत वोट पड़े थे। विस चुनाव में सिर्फ 55 प्रतिशत वोट पड़े। निरसा और सिंदरी विधानसभा क्षेत्र भी
लोकसभा की अपेक्षा पिछड़ गया।
निरसा विस क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में जमकर हुई वोटिंग
ग्रामीण इलाकों में वोटिंग हिट, शहरी इलाके में सुस्त
धनबाद | निरसा विधानसभा क्षेत्र में रविवार को जमकर वोटिंग हुई। ओवरऑल वोटिंग प्रतिशत 63 रहा। ग्रामीण क्षेत्रों के बूथों पर सुबह से ही जमकर वोटिंग हुई। सुबह के 9 बजे तक निरसा के बूथ नंबर 39 पर 25 प्रतिशत वोट पड़ गया था। सुबह के 9:15 बजे बूथ नंबर 44, उत्क्रमित मध्य
विद्यालय, कुसुमकनाली में 28 प्रतिशत वोट पड़ चुका था। इसी तरह लक्खीमाता कोलियरी के पांच बूथों पर भी वोटिंग की रफ्तार काफी बेहतर थी। सुबह के 9:30 बजे तक बूथ संख्या 179
पर 30 प्रतिशत, बूथ संख्या 180 पर 43.5 प्रतिशत, बूथ संख्या 181 पर 34 प्रतिशत, बूथ संख्या 182 पर 32 प्रतिशत और बूथ संख्या 183 पर 38 प्रतिशत वोट पड़ चुके थे।
इन सभी बूथों पर वोटरों की लंबी कतार लगी हुई थी। शहरी क्षेत्र मैथन में वोटिंग की रफ्तार कम रही। बूथ नंबर 233, डिनोबिली, मैथन में दोपहर 12 बजे तक 26 प्रतिशत और बूथ संख्या 232 में 25 प्रतिशत ही वोट ही पड़े थे। दोपहर 12:30 बजे तक डीवीसी मध्य विद्यालय की बूथ संख्या 229 में 34, बूथ 231 पर 31 फीसदी और बूथ संख्या 230 पर 32 प्रतिशत मत पड़े। इन बूथों पर वोटरों की भीड़ न के बराबर दिखी।
सिर्फ नाम के मॉडल बूथ : निरसा विधानसभा क्षेत्र में मॉडल बूथ घोषित किए गए तमाम केंद्रों पर आधारभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं थीं। लक्खीमाता के पांच बूथों पर पानी तक की
व्यवस्था नहीं थी। डीवीसी प्लस टू हाई स्कूल में भी पांच मॉडल बूथ बनाए गए थे, लेकिन वहां
एक बूंद पानी तक नहीं था।