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अतिक्रमण मुक्त स्मार्ट सिटी बनाएं

7 वर्ष पहले
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धनबाद। स्मार्ट सिटी के लिए स्मार्ट प्लानिंग और सोच को स्मार्ट करना होगा, तभी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का सपना साकार होगा। धनबाद के साथ-साथ झरिया, कतरास और गोविंदपुर के क्षेत्र भी समस्याओं से जकड़े हुए हैं। झरिया, कतरास की तरह गोविंदपुर में भी अतिक्रमण एक बड़ी समस्या बनी हुई है। एनएच 2 पर ही हटिया लगती है। इस हाट के कारण दर्जनों की जान जा चुकी है। स्थानीय लोगों के विरोध के बाद भी इस हाट यथावत है। पूरा क्षेत्र ग्रामीण है और विकास काम प्रखंड और जिला परिषद की राशि से की जाती है। इस क्षेत्र की एक बड़ी आबादी को अब तक अपनी प्यास बुझाने के लिए कुएं और चापाकल पर ही निर्भर रहना पड़ रहा है।
मैथन का पानी इसी क्षेत्र से होकर गया है, लेकिन इसका लाभ सभी लोगों को नहीं मिल पाया है। विकास का पैमाना भी संतोषजनक नहीं है।

क्षेत्र का एजेंडा :- इलाके में हो पेयजल की व्यवस्था।
- गांवों को पाइप लाइन से जोड़ा जाए।
- बिजली व्यवस्था में सुधारा जाए।
- ग्रामीण सड़कों को ठीक किया जाए।
- बेहतर सिचाई व्यवस्था की जरूरत।
- रेजली बांध तालाब का सौंदर्यीकरण
- साफ सफाई की व्यवस्था किया जाए।
- स्मार्ट प्लानिंग से बनेगी स्मार्ट सिटी
योजना पर ईमानदारी से काम होना चाहिए : ''प्रधानमंत्री का स्मार्ट सिटी का सपना स्मार्ट प्लानिंग से ही संभव है। शहर की मूलभूत सुविधाओं की पूरी योजना बननी चाहिए और उस योजना पर ईमानदारी पूर्वक काम होना चाहिए, तभी यह सपना सकार होगा। अपनी सोच भी बदलनी होगी।''- माया देवी, अध्यक्ष, जिप।

जिप बोर्ड की बैठक में उठा चुका हूं मामला: ''रेजली बांध तालाब के सौंदर्यीकरण हो या ग्रामीण सड़कों के निर्माण का मामला मैं अपने स्तर से जिला परिषद बोर्ड की बैठक में उठा चुका हूं। बोर्ड से योजना पास भी हो चुकी है, फिर भी काम शुरू नहीं हो पाया है।'' -अब्दुलहन्नान, जिपसदस्य।
अपने स्तर से प्रयास जारी है: ''क्षेत्र में व्याप्त समस्याओं को दूर करने का प्रयास अपने स्तर से कर रही हूं। बीआरजीएफ की राशि से सड़क का काम करवा रही हूं, लेकिन बड़ी सड़कों का काम नहीं हो पा रहा है। जिला परिषद बोर्ड की बैठक में इस मामले को उठा चुकी हूं।''-सुमिता दास, जिला परिषद सदस्य।
भास्कर सरोकार ।