धनबाद। लोकसभा,विधानसभा, नगर निगम, पंचायत, सभी के चुनावों का असर राजकीय पॉलिटेक्निक, धनबाद पर पड़ता है। हर चुनाव में कम-से-कम दो माह तक पॉलिटेक्निक कॉलेज में पढ़ाई ठप हो जाती है। हर पांच साल में ऐसा एक सत्र यानी दो सेमेस्टर आता है, जिसमें छात्रों की पढ़ाई नहीं होती है। इस पूरे एक सत्र में मात्र दो माह ही कक्षाएं हो पाती हैं। वर्ष 2014 में भी पहले लोकसभा और फिर अब विधानसभा चुनाव की वजह से राजकीय पॉलिटेक्निक का अधिग्रहण किया गया है।
लोक सभा चुनाव की वजह से अप्रैल और मई माह तक कक्षाएं प्रभावित रही थी। वहीं विधानसभा चुनाव में भी 12 नवंबर से कॉलेज का अधिग्रहण कर लिया गया है। अब छात्र-छात्राओं को 12 जनवरी से बुलाया गया है। यानी दो माह तक कक्षाएं प्रभावित रहेंगी। राजकीय पॉलिटेक्निक छात्र-छात्राओं की परेशानी यहीं समाप्त होने वाली नहीं है। वर्ष 2015 में भी दो चुनाव नगर निगम और पंचायत प्रस्तावित है। यानी 2015 में भी पूरा सत्र चुनाव के माहौल में भी बीतने वाला है।
लोक सभा चुनाव की वजह से हुआ था कैंपस प्रभावित : पॉलिटेक्निक धनबाद और पॉलिटेक्निक निरसा से 2014 में पासआउट छात्र-छात्राओं ने बताया कि लोकसभा चुनाव की वजह से इस सत्र में कई कंपनियों ने कैंपस सेलेक्शन के लिए नहीं आई। इस वजह से वर्ष 2014 में पासआउट होने वाले अधिकांश छात्र-छात्राओं को नौकरी नहीं मिल पायी है। सभी छात्र पासआउट होने के बाद वर्तमान में नौकरी पाने के लिए जद्दोजहद में लगे हुए हैं।
वर्ष 2009 में छात्रों ने की थी राष्ट्रपति से शिकायत : वर्ष 09 में भी पॉलिटेक्निक छात्रों का पूरा सत्र चुनाव की वजह से प्रभावित था। यहां तक की छात्र-छात्राओं की पढ़ाई भी प्रभावित हुई थी। चुनाव की वजह से पढ़ाई बाधित होने की शिकायत छात्रों ने राष्ट्रपति से भी की थी। बावजूद कुछ नहीं हो सका था। पांच वर्ष के बाद फिर से चुनाव के लिए राजकीय पॉलिटेक्निक धनबाद का ही चुनाव किया गया।
पूरा परिसर है निर्वाचन विभाग के कब्जे में : राजकीय पॉलिटेक्निक धनबाद और राजकीय पॉलिटेक्निक निरसा का कैंपस जिला निर्वाचन विभाग के कब्जे में है। पहले मतदान कर्मियों का प्रशिक्षण और अब ईवीएम मशीन की सिलिंग का काम कॉलेज परिसर के विभिन्न कमरे में किया जा रहा है। इसके साथ ही मतदान प्रक्रिया के बाद मतगणना की प्रक्रिया भी पॉलिटेक्निक परिसर में ही होनी है। ऐसे में दिसंबर माह तक कैंपस इस कब्जे में ही रहेगा।
''जिला प्रशासन की ओर से चुनाव कार्य के लिए कैंपस का अधिग्रहण किया जाता है। इसमें हम क्या कर सकते हैं। चुनाव कार्य भी तो महत्वपूर्ण है। पॉलिटेक्निक प्रशासन सरकार के आदेशों का अनुपालन करता है।''- केके सिन्हा, प्राचार्य,राजकीय पॉलिटेक्निक, धनबाद (
क्या कहते हैं पॉलिटेक्निक छात्र
पिछले एक माह से बंद है पढ़ाई : ''पिछले एक माह से हमारा पठन-पाठन बंद है। कॉलेज प्रशासन की ओर से 12 जनवरी से आने को कहा गया है। चुनाव की वजह से फर्स्ट सेमेस्टर में मुश्किल से मात्र दो माह की पढ़ाई हो पायी है।'' -आलोक कुमार, छात्र पॉलिटेक्निक, धनबाद
लोस चुनाव में भी दो माह बंद था कॉलेज '' अप्रैल 2014 में हुए लोक सभा चुनाव की वजह से भी कॉलेज दो माह बंद था। इस दौरान ही पढ़ाई हुई थी और ही कॉलेज की अन्य गतिविधियां ही आयोजित हो पाई थी। वहीं विधान सभा चुनाव में भी कॉलेज बंद है।'' -पंकज कुमार, छात्र,पॉलिटेक्निक, धनबाद
प्रत्येक चुनाव में बाधित होती है पढ़ाई : '' लोकसभा, विधानसभा, नगर निगम या फिर पंचायत चाहे कैसा भी चुनाव हो, पॉलिटेक्निक छात्रों की पढ़ाई बाधित हो जाती है। पॉलिटेक्निक छात्रों के कैरियर के विषय में प्रशासन को सोचना चाहिए।'' -रोहित कुमार,छात्र,पॉलिटेक्निक, धनबाद।
बिना पढ़े कैसे देंगे परीक्षा : '' बिना पढ़ाई के डिप्लोमा इंजीनियरिंग की परीक्षा दे पाना मुश्किल है। आलम यह है कि चुनाव की वजह से नामांकित किसी भी छात्र का सिलेबस पूरा नहीं हो पाया है। वहीं चुनाव के तुरंत बाद परीक्षा आयोजित होगी। ऐसे में हमारा क्या होगा।''- राजूकुमार, छात्र पॉलिटेक्निक, धनबाद
- परेशानी| एक ही सत्र में लोस विस के दो चुनाव हुए और दो होने हैं शेष।