पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • गुलाम गौस ‘आसवी’, बांसजोड़ा,धनबाद से...

गुलाम गौस ‘आसवी’, बांसजोड़ा,धनबाद से...

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
जुल्मत ही नहीं, जुल्म मिटाने के लिए आ/वोट अपना देने और दिलाने के लिए आ/धोखा दिया जिसने तुझे, पिछले चुनाव में/मजा उस छलिया को चखाने के लिए आ/नक्सलियों का प्लान तुझे करना है चौपट/बुनियादी हक तेरा, ये बताने के लिए आ/दागी कोई भी जीतने पाए न, खबरदार/उनकी जमानत जब्त कराने के लिए आ/अब तक बहुत कमजोर समझ रखा था तुझे/औकात उन्हें अपनी बताने के लिए आ/खाना भी बनेगा, बाद में, नाश्ता भी करेंगे/फजरो-वतन है इसको निभानेे के लिए आ/माना कि ‘आसवी’ कोई नेता पसंद नहीं/नोटा बटन ही, लेकिन दबाने के लिए आ। (नोट : जुल्मत- अंधकार)

Âýàæ¢âÙèØU ˜æ

नोटा बटन ही सही, लेकिन दबाने के लिए