पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • राजीव सिन्हा . 9835236367

राजीव सिन्हा . 9835236367

6 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
राजीव सिन्हा . 9835236367

टेलीफोनएक्सचेंज रोड स्थित एसएसएलएनटी अस्पताल में पदस्थापित डॉक्टर अपनी सेवा निजी क्लिनिकों को देने में ही ज्यादा दिलचस्पी रखते हैं। झारखंड हाइकोर्ट के आदेश के बाद अस्पताल में स्त्री रोग विभाग और नेत्र रोग विभाग शुरू किया गया। इसके लिए राज्य सरकार ने लाखों रुपए खर्च कर भवन की मरम्मत कराई और कई उपकरण भी उपलब्ध कराए। प्रतिदिन साफ-सफाई करने के लिए कर्मियों की तैनाती की गई। ए-ग्रेड नर्सों को भी पदस्थापित किया गया। इन सारी व्यवस्थाओं के बाद भी मरीजों को समय पर चिकित्सा उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। लोगों की लगातार शिकायतें मिलने के बाद डीसी स्टार की टीम ने मामले की पड़ताल की। टीम शनिवार को दिन के 10:00 बजे अस्पताल पहुंची। वहां दो नर्स मिलीं। एक महिला सफाईकर्मी भवन के भीतर पोछा लगाती दिखी, जबकि एक पुरुष कर्मी परिसर में झाड़ू लगाता मिला। हालांकि वहां कोई डॉक्टर नजर नहीं आया।

ड्यूटीसे नदारद थीं तीनों डॉक्टर

अस्पतालमें मौजूद नर्स से पूछने पर पता चला कि शनिवार को नेत्र रोग विभाग के डॉक्टर की ड्यूटी नहीं रहती है। स्त्री रोग विभाग में तीनों महिला डाॅक्टरों को तैनात किया गया है। ये हैं डॉ सीमा साहू, डॉ अनिता कुमारी और डॉ अन्नपूर्णा। इन तीनों की ड्यूटी वहां सुबह नौ बजे से दिन के एक बजे तक है, लेकिन इनमें से काेई दिन के 10:00 बजे तक अस्पताल नहीं पहुंची थीं। डाॅक्टरों के सभी चैंबर खाली थे। परिसर में मौजूद एक महिला मरीज ने कहा कि वे लगातार तीन दिनों से अस्पताल रही हैं, लेकिन डाॅक्टर से मुलाकात नहीं हो पाई है।

निजी नर्सिंग होमों में बैठती हैं डॉक्टर

अस्पतालके डाॅक्टर निजी नर्सिंग होमों में ज्यादा समय देते हैं। डॉ सीमा साहू जोड़ाफाटक रोड स्थित सचदेवा भवन और डॉ अनिता कुमारी बरवाअड्डा के मेमको मोड़ के एक निजी नर्सिंग होम में मरीज देखती हैं। टीम ने दोनों नर्सिंग होमों में जाकर इसकी पुष्टि भी की। टीम के सदस्य जोड़ाफाटक रोड वाली निजी क्लिनिक में दिन के 10:45 बजे पहुंचे और मेमको मोड़ की क्लिनिक में 11:35 बजे। दोनों जगहों पर काउंटर पर मौजूद कर्मी ने पूछने पर कहा कि थोड़ी देर रुकें, मैडम आनेवाली हैं।

जांच कर कार्रवाई करेंगे

^आपसे पता चला कि एसएसएलएनटी अस्पताल में डॉक्टर नदारद थीं। ऐसा करना गलत है। पहले भी डॉक्टरों से इस बारे में कारण पूछा जा चुका है। शिकायत की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।\\\'\\\' -डाॅ के विश्वास, अधीक्षक,एसएसएलएनटी अस्पताल, धनबाद

डीबी स्टार की टीम ने डॉक्टर चैंबर की खाली कुर्सी-टेबलोें की तस्वीरें लीं और करीब 10:30 बजे टीम वहां से लौट गई। 11:15 बजे फिर वहां पहुंची। इस बार तीनों डॉक्टर दिखीं। मरीजों ने बताया कि डीबी स्टार टीम के जाते ही कर्मियों ने डॉक्टरों को फोन किया। इसके बाद तीनों 11:00 बजे अस्पताल आईं। डीबी स्टार की टीम वहां से निकल गई और 12:15 बजे फिर अस्पताल पहुंची। इस बार वहां सिर्फ एक डॉक्टर दिखीं। पूछने पर नर्स ने बताया कि बाकी दो डॉक्टर निजी काम से बाहर गई हैं, थोड़ी देर में जाएंगी। टीम फिर वहां से निकल गई।

खबर मिलने पर आईं और फिर चली गईं

डीबी स्टार पड़ताल

एसएसएलएनटी अस्पताल में खाली पड़ा डाॅक्टर चैंबर।

एसएसएलएनटी अस्पताल, जहां मरीजों को कभी-कभार ही मिलते हैं डॉक्टर।

एसएसएलएनटी अस्पताल की तीन डॉक्टर ड्यूटी से मिलीं नदारद, कर्मियों के फोन करने पर भागी-भागी आईं

ड्यूटी सरकारी, पर इलाज करती हैं निजी क्लिनिकों में