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बिनाेद बाबू के पदचिह्नों पर चलने का संकल्प
भास्कर न्यूज|कतरास/सोनारडीह
झारखंडके पुरोधा बिनोद बिहारी महतो की जयंती नावागढ़ मोड़ में रंगारंग कार्यक्रम के बीच मनाई गई। कार्यक्रम के दौरान धनबाद के पूर्व सांसद एके राय तथा मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री जलेश्वर महतो ने नावागढ़ मोड़ में स्थापित बिनोद बाबू की आदमकद प्रतिमा का अनावरण फीता काटकर किया।
इसके बाद उपस्थित लोगों ने बिनोद बाबू की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। मुख्य अतिथि सह जदयू के प्रदेश अध्यक्ष जलेश्वर महतो ने कहा कि बिनोद बाबू का सपना था कि झारखंड के लोग पढ़ लिखकर खुशहाल जीवन जीएं। इसी सोच के साथ बिनोद बाबू ने झारखंड के सुदूर देहातों में शिक्षा का अलख जगाते हुए 18 विद्यालय तथा 4 महाविद्यालय एवं धनबाद लॉ कॉलेज की स्थापना की। विशिष्ठ अतिथि एसके बख्सी ने कहा कि सांसद विधायक ऐसा होना चाहिए जो पूर्व सांसद एके राय की तरह पेंशन नहीं ले।
उन्होंने कहा कि गरीबों को शोषणमुक्त करने के लिए झारखंड अलग राज्य की लड़ाई बिनोद बाबू ने लड़ी थी।
बार में मनाई गई जयंती
पूर्व सांसद एके राय ने दी श्रद्धांजलि
लंबेसमय से बीमार चल रहे पूर्व सांसद एके राय को मासस कार्यकर्ताओं ने गोद में उठाकर कार्यक्रम स्थल तक लाया। जलेश्वर महतो ने उन्हें प्रतिमा तक पहुंचाया, जहां राय ने बिनोद बाबू को श्रद्धांजलि अर्पित की।
इसके पूर्व जदयू कार्यकर्ताओं ने महुदा मोड़ में स्थित बिनोद बाबू की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
बिनोद बिहारी महतो की 91वीं जयंती मनी
जोड़ापोखर | बिनोदबिहारी महतो की जयंती समारोह मंगलवार को जामाडोबा 2 पिट्स डुमरी में झामुमो द्वारा मनाया गया। बतौर मुख्य अतिथि झामुमो के केन्द्रीय सदस्य देवू महतो ने कहा कि बाबू का नारा पढ़ो और लड़ो कारगर है। उन्होंने जो शिक्षा का अलख जगाया उसे जन-जन तक पहुंचाना है।
तभी झारखंड का विकास हो सकता है। उन्होंने कहा कि झारखंड में जितना विकास होना चाहिए उस अनुसार विकास नहीं हो रहा है। इसके लिए काफी हद तक हम लोग भी जिम्मेवार हैं। बच्चों को अच्छी शिक्षा दें और समाज में कुछ कर दिखान के लायक बनायें, तभी झारखंड का विकास हो सकता है। इस मौके पर उपस्थित सपन बनर्जी ने कहा कि शिक्षित नहीं होने के कारण ही मजदूरों का शोषण हो रहा है। प्रबंधक से लड़ाई लड़नी है तो शिक्षा का हथियार उठाना होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता कालीचरण महतो तथा संचालन अनिल महतो ने कि