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एमडीएम के साथ किचन शेड भी डकार गए स्कूल के अध्यक्ष
बच्चोंको मापदंड के अनुसार एमडीएम तो नहीं ही देते, किचन शेड भी डकार कर बैठ गए हैं। यह मामला है बलियापुर के बाघमारा स्थित प्राथमिक विद्यालय धोबी टोला का। इस विद्यालय में किचन शेड निर्माण के लिए सरकार द्वारा 2.18 लाख रुपए आवंटित किए गए थे। इस राशि की निकासी एक वर्ष पहले ही की जा चुकी है। बावजूद इसके किचन शेड अभी तक नहीं बना है। ग्रामीणों और स्कूल के शिक्षिका का आरोप है कि ग्राम शिक्षा समिति के अध्यक्ष भोलानाथ रवानी ने पैसे की निकासी की है। वहीं अध्यक्ष भोलानाथ इस मामले में टालमटोल की भाषा का प्रयोग कर रहे हैं।
रैंपका पैसा भी खा गए | स्कूलमें रैंप का भी निर्माण करवाया जाना था। अध्यक्ष ने इस पैसे की भी निकासी कर ली और रैंप का निर्माण नहीं करवाया। जब स्कूल की शिक्षिका अल्पना बनर्जी पर रैंप के लिए दबाव पड़ा, तो उसने अध्यक्ष के आश्वासन पर अपने पेमेंट के पैसे से रैंप का निर्माण करवाया। यह पैसा भी अध्यक्ष उन्हें नहीं लौटा रहे हैं।
वर्षोंसे नहीं हुई है जांच | आश्चर्यतो इस बात का है कि जिले के एक-एक स्कूल पर अपनी पैनी नजर रखने का दावा करने वाले जिले के अधिकारियों ने भी कभी इस स्कूल की सुधि नहीं ली। पिछले आठ वर्षों में एक भी कोई जिलास्तरीय अधिकारी यहां जांच में नहीं गया। जबकि स्कूल के शिक्षक, कर्मचारी और ग्रामीण जिला स्तर के अधिकारियों का इंतजार कर रहे हैं, ताकि वे आएं और इस स्कूल में बरती जा रही अनियमितताओं पर अंकुश लगा सके।
भोलानाथ दास, अध्यक्षग्राशिस
सीधी बात
आरोप है कि आपने किचन शेड का पैसा निकाल निर्माण नहीं करवाया?
आपकिचन में जाएं। वहां आपको शेड दिखेगा।
क्या2.18 लाख रुपए से आपने सिर्फ एक रैक बनवाया?
रैकपर टाइल्स भी लगे हैं।
इसीमें पैसे खर्च हो गए?
कोईजवाब नहीं।
पासबुकके साथ भी आपने छेड़छाड़ की है। उस पर स्याही गिरा दी है?
कोईजवाब नहीं।
िकचन में एक रैक बनाया गया है।
सरकार का निर्देश है कि स्कूलों में एलपीजी पर एमडीएम बनाया जाए। इसके लिए सभी स्कूलों को एलपीजी कनेक्शन और चूल्हा भी दिया गया है। पर इस विद्यालय में कोयले पर ही खाना बनता है। जबकि हर माह एलपीजी के नाम पर पैसे की निकासी होती है। स्कूल कर्मियों का कहना है कि अध्यक्ष एलपीजी लाते ही नहीं। कहने पर उल्टे झगड़ा करने लगते हैं।
एलपीजी का पैसा लेकर कोयले पर बनवाते हैं एमडीएम
पासबुक