बीसीसीएल में राजभाषा पखवाडे़ का समापन
बीसीसीएलमें सोमवार को राजभाषा पखवाड़ा का समापन सह पुरस्कार वितरण समारोह संपन्न हुआ। समारोह में राष्ट्रीय स्तर के हिंदी साहित्यकार विद्याभूषण और संथाली भाषा साहित्यकार डॉं. कृष्णचंद्र टुडू को बीसीसीएल कोयला भारती राजभाषा सम्मान से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में राजभाषा पखवाड़ा के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। वर्ष भर राजभाषा के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाले क्षेत्रों विभागों को स्व. शंकर दयाल सिंह स्मृति सम्मान से सम्मानित किया गया। इसके अंतर्गत लोदना क्षेत्र, कुसुंडा क्षेत्र और पश्चिमी झरिया क्षेत्र को क्रमश: प्रथम, द्वितीय तृतीय पुरस्कार मिला।
वहीं मुख्यालय स्थित विभागों में भूसंपदा विभाग को प्रथम, चिकित्सा विभाग को द्वितीय और जनसंपर्क विभाग निदेशक (कार्मिक) सचिवालय को संयुक्त रूप से तृतीय स्थान से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का आरंभ महाप्रबंधक सोलोमन कुदादा के स्वागत वक्तव्य से हुआ। कार्यक्रम का संचालन सहायक प्रबन्धक दिलीप कुमार सिंह और उदयवीर सिंह ने किया।
................
हिंदी बोलने में गर्व महसूस करें : सीएमडी
समारोहकी अध्यक्षता करते हुए बीसीसीएल के सीएमडी तापस कुमार लाहिड़ी ने कहा कि आज आवश्यक है कि हम सब हिंदी बोलने में गर्व महसूस करते हुए इसके व्यवहारिक प्रयोग पर ध्यान दें। हम केवल हिंदी पखवाड़ा तक सीमित रहें, बल्कि वर्ष भर अभियान चलाएं और सभी को अधिक अधिक से हिंदी में काम करने के लिए प्रेरित करें।
जनभाषा की मंजिल तय की हिंदी ने: विद्याभूषण
मुख्यअतिथि डॉ. विद्याभूषण ने कहा कि भाषा हमें समाज संस्कृति से जोड़ती है। भाषा केवल अनुवाद की भाषा नहीं होनी चाहिए। कार्यालय में प्रयोग होने वाली हिंदी उबाऊ जटिल हो, बल्कि वह सरल, सहज व्यवहारिक होनी चाहिए। हिंदी ने संपर्क भाषा और जनभाषा के रूप में स्वयं अपनी मंजिल तय की है। कंप्यूटरीकरण के दौर में देवनागरी के प्रयोग को अधिक बढ़ाया जाना चाहिए।