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सलाखों के पीछे होगा मंजूर तभी कलेजे में पड़ेगी ठंडक

7 वर्ष पहले
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धनबाद। लवजेहाद का शिकार बनी पाथरडीह जीआरपी कॉलोनी की कलावती शासन-प्रशासन से इंसाफ मांग रही है। प्रेमजाल में फांस और खुद को दीपक बता शादी रचाकर उसकी जिंदगी तबाह करने वाले मंजूर को वह सलाखों के पीछे देखना चाहती है।
कलावती ने रविवार को दैनिक भास्कर के साथ बातचीत में अपने साथ हुई हैवानियत की कहानी बयां की। उसने कहा- मंजूर ने उनकी जिंदगी बर्बाद की ही, पिता और बड़ी बहन तथा जीजा को भी कहीं का नहीं छोड़ा। दोनों की जिंदगीभर की पूंजी हड़प ली। मंजूर के कारण उसके जीजा की नौकरी चली गई। एक व्यक्ति के कारण आज उसका परिवार कहीं का नहीं रह गया। अब वह अपने मोहल्ले में भी निकलने के लायक नहीं रह गई।
इधर, प्राथमिकी दर्ज होने के बाद चंदनकियारी के अमलाबाद ओपी क्षेत्र के अंतर्गत महाल गांव निवासी मंजूर शाह उर्फ दाउद साई उर्फ दीपक कुमार अपनी बीवी शकीला बानो और अपने तीनों बच्चों के साथ गांव छोड़ भाग निकला। पुलिस ने गांव में छापा मारा, परंतु सभी फरार मिले। घर में सिर्फ मंजूर की मां करीमन बीवी मिलीं। चंदनकियारी पुलिस ने सभी आठ आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए स्पेशल टास्क फोर्स बनाई है।

मंजूर ने कलावती की बड़ी बहन बेबी को झांसा दिया कि अगर वह तीन लाख रुपए देंगी, तो सालभर में 30 लाख की रकम वापस करेगा। बेबी की पति सूरज दिल्ली के एक बड़े हॉस्पिटल में काम करता था। किसी प्रकार व्यवस्था कर बेबी ने 3 लाख रुपए मंजूर को दिए। रुपए वापस पाने के लिए बेबी के पति दो माह तक पाथरडीह से चंदनकियारी की दौड़ लगाते रहे। इसी दौरान उसकी दिल्ली वाली नौकरी भी छूट गई।

करीमन बीवी ने बताया कि पुत्र मंजूर अपने पिता के बदले बीसीसीएल अमलाबाद कोलियरी में अनुकंपा पर कार्यरत है। मगर वह अब यहां नहीं रहता। वह अपनी ससुराल चंदाहा में रहता है। मगर प्रेमनगर स्थित बीसीसीएल क्वार्टर के बगल में रहने वाले पड़ोसियों ने बताया कि मंजूर यहां बराबर आता है। पड़ोसियों ने यह भी बताया कि कुछ दिन पूर्व कलावती को मंजूर प्रेमनगर लाया था, मगर यहां उसकी पहली बीबी ने उसे मारपीट कर भगा दिया था।

चार बच्चों का बाप है मंजूर
मंजूरउर्फ दीपक पहले से शादीशुदा है। उसकी पत्नी शकीना बानो, तीन बेटी और एक बेटा चंदनकियारी के मोहाल में रहते हैं। बीसीसीएल से उसे अमलाबाद में क्वार्टर मिला है। उस क्वार्टर में भी कलावती को कुछ दिन रखा गया था।

पिता और मां हेमंती देवी कहते हैं-30 साल से झोपड़ी में रहकर अपने दो बेटियों बेबी और कलावती का भरण पोषण किया। सारे कष्ट और दु:ख झेले। जीवन के अंतिम पड़ाव पर विश्वास में लेकर इस तरह की घटना को अंजाम मंजूर ने दिया। यह उसने वह सपने में भी नहीं सोचे थे। मंजूर ने धोखे में रखकर बेटी से शादी की। फिर लाखों रुपए ठगी के जरिए ले लिए।

कलावती से शादी करने के बाद धर्म परिवर्तन करने के लिए दबाव बनाने वाला आरोपी मंजूर बीसीसीएल कर्मी है। वह सुदामडीह की छह नंबर खदान में सुपरवाईजर है। पूर्व में वह साधारण लोडर था। उसी दौरान कलावती को प्रेम जाल में फांसा था। पीड़ित के पिता सहाजन ठाकुर पाथरडीह लोको बाजार स्थित जीआरपी कॉलोनी में रेलवे की जमीन पर झोपड़ी बनाकर सपरिवार रहते हैं। अपनी जमीन पर सब्जी की खेती भी करते हैं।

मामले के सभी आठ आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टास्क फोर्स गठित कर छापेमारी की जा रही है। पीड़िता को उचित सुरक्षा दी जाएगी। जल्द ही इस मामले में सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। -मनीष टोप्पो, डीएसपी,चास
(अपना दर्द बयां करते कलावती देवी के माता-पिता।)