जूलॉजी यूजी और पीजी का सिलेबस बदला
विभावि के यूजी और पीजी के सिलेबस को बदला गया है। सिलेबस कमेटी ने 18 को वर्तमान सिलेबस पर चर्चा के बाद बदलाव किया। 2014-15 सत्र से नया सिलेबस लागू करने का प्रस्ताव है। इससे पहले उसे एकेडमिक काउंसिल से पारित कराया जाएगा। बैठक में विभावि पीजी सेंटर, पीकेआरएम धनबाद पीजी सेंटर सहित बाहर से एक्सपर्ट बुलाए गए थे। जूलॉजी हेड डॉ नूर आलम की अध्यक्षता में हुई बैठक में मगध विवि के डॉ बीएन पांडेय, रांची विवि के डॉ एनएस सेन, लाह रिसर्च सेंटर के डॉ केके शर्मा, डिपार्टमेंट ऑफ फिशरी के डॉ एचएन द्विवेदी, आइएसएम के डॉ विपिन कुमार, सिम्फर के डॉ आरके तिवारी, विभवि जूलॉजी डिपार्टमेंट के डॉ अजय शर्मा, डॉ केके गुप्ता, डॉ वीरेंद्र गुप्ता, पीकेआरएम धनबाद से डॉ एलबी सिंह और डॉ एसके सिंह शामिल थे।
नए सिलेबस में सेंट्रल विवि की झलक
सिलेबसकमेटी की बैठक में शामिल बतौर एक्सपर्ट पीके राय कॉलेज जूलॉजी के एचओडी डॉ एलबी सिंह ने कहा कि नए सिलेबस में कई वैसे टॉपिक को डिलीट किया गया है, जिसका वर्तमान समय में कोई आवश्यकता नहीं है। वहीं कई नए टॉपिक जोड़े गए हैं, जो वर्तमान में सेंट्रल यूनिवर्सिटी के सिलेबस में शामिल हैं।
यानी अब विभावि के सिलेबस में भी सेंट्रल विवि की झलक दिखेगी।
विनोबा भावे विश्वविद्यालय की सिलेबस कमेटी में कुल 11 एक्सपर्ट शामिल थे। इसमें 7 एक्सपर्ट बाहर के कई बड़े संस्थान और विवि से थे और शेष चार विभावि के ही एक्सपर्ट शामिल थे। सिलेबस कमेटी की कुल 10 घंटे चली बैठक के बाद नए सिलेबस का स्वरूप तैयार किया गया है।
विभािव का यूजी जूलॉजी के सिलेबस में 15 वर्ष बाद बदलाव किया गया है। जानकारों के मुताबिक, वर्तमान में इस सिलेबस की उपयोगिता कम हो गई थी। पीजी के सिलेबस में अंतिम बार बदलाव सत्र 2010-11 में किया गया था। यानी पीजी के सिलेबस में भी चार सत्र के बाद बदलाव किया गया है।
10 घंटे चली बैठक के बाद तैयार हुआ नए सिलेबस का स्वरूप
15 वर्ष बाद बदलाव
इस प्रकार बदला गया है सिलेबस
यूजी सिलेबस पहला क्या था :-स्नातक के प्रत्येक पार्ट में 75- 75 अंक का दो पेपर और 25- 25 अंक का प्रैक्टीकल एग्जाम आयोजित होता था।
यूजीसिलेबस में अब क्या है :-स्नातक के प्रत्येक पार्ट में 50- 50 अंक का तीन थ्योरी एग्जाम होगा। वहीं 50 अंक की प्रैक्टीकल परीक्षा होगी।
पीजीसिलेबस में पहले क्या था :-पीजी