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शराब कारोबारी ने ब्लैक मनी से धनबाद में बनाया आलीशान मकान
बिहार-झारखंड के बड़े शराब कारोबारियों में शुमार विनो-शिवा ग्रुप के प्रोपराइटर विनोद कुमार ने ब्लैक मनी से धनबाद में आलीशान मकान बनाया है। आयकर विभाग से इस राज को छुपाने के लिए मकान का मालिकाना हक रिश्तेदार को सौंप रखा है। आयकर विभाग ने आरंभिक छानबीन के बाद यह संदेह जताया है। बिहार-झारखंड सर्किल के आयकर निदेशक (अन्वेषण) कुमार संजय ने बताया कि धनबाद में विनोद ने मकान बनाकर उसका मालिक एक रिश्तेदार को बना दिया। इसी अंदेशे पर विनोद से पूछताछ हुई है। जरूरत पड़ने पर धनबाद में रहने वाले उनके रिश्तेदार से पूछा जाएगा कि उन्होंने मकान के लिए किन स्त्रोतों से धन जुटाया। इधर, झारखंड में कुछ स्थानों पर भी विनोद कर जमीन की खबर मिली है। यह भी खुलासा हुआ कि विनोद ने रोहतास के अमझौर में 100 एकड़ जमीन खरीदी है। विक्रेता को अर्नेस्ट मनी के रूप में एक करोड़ का भुगतान किया गया। जमीन और भुगतान संबंधी कागजात आयकर के हाथ लगे हैं। वैशाली के भगवानपुर में भी 25 एकड़ जमीन खरीदी गई है। दोनों ही जगह विनोद शराब फैक्ट्री खोलना चाहते हैं। गुरुवार को विनोद के धनबाद, पटना, कोलकाता समेत 39 ठिकानों पर आयकर की छापेमारी में 40 लाख नकद समेत चल-अचल संपत्ति के कागजात जब्त किए गए थे।
विनोद कुमार के खिलाफ अभी तक की छानबीन का क्या नतीजा है?
आयकरको अंधेरे में रखने के लिए शराब की सात दुकानें कर्मियों के नाम पर ले खुद मुनाफा कमाया। रोहतास और वैशाली में 125 एकड़ जमीन खरीदी। कर्मी के खाते में 3.5 करोड़ रुपए जमा कराए।
कितनीराशि की टैक्स चोरी की गई?
ग्रुपका सालाना टर्नओवर 250 करोड़ के आसपास है, पर टैक्स आधी से 2 फीसदी ही चुकाई। जांच से साफ होगा कि वास्तव में कितनी राशि की टैक्स चोरी हुई।
विनोदने कितनी ब्लैक मनी कबूली?
5-6करोड़ की बात मान रहे हैं। यह मामूली रकम है। ब्लैकमनी इससे काफी ज्यादा है।
कुमार संजय, आयकरनिदेशक (अन्वेषण)
सीधी
बात
~6 करोड़ की ब्लैक मनी कबूली, आयकर नहीं माना
बेनामी शराब दुकानों से हुई 15 करोड़ की आमदनी
विनो-शिवा ग्रुप के ठिकानों पर छापेमारी का नेतृत्व करने वाले निदेशक (अन्वेषण) कुमार संजय की मौजूदगी में शनिवार को पटना के आयकर भवन में विनोद कुमार का स्टेटमेंट रिकॉर्ड किया गया। विनोद ने 6 करोड़ की ब्लैक मनी होने की बात स्वीकार करते हुए उस रकम पर टैक्स अदायगी का ऑफर दिया