पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • फेसबुक पर शिष्टाचार की पढ़ाई से भाजपा दो फाड़

फेसबुक पर शिष्टाचार की पढ़ाई से भाजपा दो फाड़

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
नाम-नवनीतरिटोलिया बंटी। वे भाजयुमो के जिला सह संयोजक हैं। साथ ही युवा मोर्चा के सोशल मीडिया से भी जुड़े हुए हैं। 19 सितंबर को जब केंद्रीय मंत्री सुदर्शन भगत धनबाद पहुंचे तो जिले के अन्य भाजपाइयों के साथ उन्होंने भी उनका स्वागत किया। फिर लगे हाथ भगत के साथ खींची पांच तस्वीरें फेसबुक में पोस्ट कर दीं। इन तस्वीरों ने भाजपाइयों के बीच शिष्टाचार की ऐसी पढ़ाई शुरू करा दी कि कार्यकर्ता दो खेमों में बंट गए। तस्वीरें सामान्य हैं, परंतु उनमें दिखने वाले एक नेता का स्टेटस में नाम का जिक्र नहीं होना और छुटभैयों के नाम जोड़ने के बाद ताबड़तोड़ कमेंट्स शुरू हो गए। फेसबुकिए भाजयुमो पदाधिकारी को शिष्टाचार के पाठ पढ़ाने का दौर शुरू हो गया। कमेंट्स पर बौखलाए बंटी ने भी एक कमेंट कर दिया-फेसबुक एकाउंट मेरा है। यह जो भी डालेंगे-लिखेंगे, वह हमारी मर्जी है। अब सोच-समझ कर ही कमेंट्स करें। इस कमेंट पर भी बेलगाम टिप्पणियां आईं। 19 सितंबर की शाम 7.37 बजे तस्वीरें अपलोड की गई थीं। रविवार की दोपहर 1 बजे तक शिष्टाचार के पाठ पढ़ाई के 53 कमेंट्स चुके थे।

-बंटीजी, आप शिष्टाचार भूल गए। आपको मालूम नहीं कि चमचई कर आप नेता नहीं बन सकते।

-शिष्टाचार भूल गए। दूसरों की चीजों पर हक नहीं जताया जाता।

-नौटंकीबाज चले हैं शिष्टाचार सिखाने।

-सरिता श्रीवास्तव, शेखर अग्रवाल, सत्येंद्र कुमार, राजकुमार सिंह, हरिप्रकाश लाटा, मुकेश पांडेय, ये सभी हैं जिंदाबाद, बाकी सब...। ये है शिष्टाचार।

-सावधान, भीड़ में एक पॉकेटमार भी है।

-बीजेपी का संस्कार क्या यही है? सांसद का पुतला दहन करना?

-सांसद का पुतला जलाने वाले भी संस्कार और शिष्टाचार की बात कर रहे हैं।

-कुछ लोग समझते हैं कि पार्टी उनकी जागीर है। वे पार्टी में मगरमच्छ बनने चले हैं। उन्हें नहीं पता कि पार्टी में बड़े-बड़े गैंडे भी हैं।

कैसे-कैसे कमेंट्स

कई बार सोशल मीडिया में पार्टी की छीछालेदर हो चुकी है। स्वयं जिलाध्यक्ष के एक स्टेटस पर भी पार्टी में खासा बावेला मचा था। बाद में जिलाध्यक्ष को अपना स्टेटस संशोधित करना पड़ा। वहीं विधानसभा चुनाव में अपना दावा ठोंकने के लिए कई भाजपाइयों ने फेसबुक को जरिया बनाया। इस पर भी पार्टी के बड़े नेता नाराज हुए तो मुहिम थोड़ी ठंडी पड़ी। ऐसे दावेदारों द्वारा पार्टी देना और उनकी तस्वीरें अपलोड करने के कारण भी कई